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सरकार और अफसरशाही के बीच छिड़ा द्वंद्व: हरीश रावत ने कहा- ब्यूरोक्रेसी में पहले तमाम खामियां थीं, अब सबको किया जा रहा चुस्त-दुरुस्त

Mon, 11 Apr 2022 08:42 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 11 Apr 2022 08:42 AM IST
सार

अपने फेसबुक पेज पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार और अफसरशाही के बीच छिड़े द्वंद्व का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।

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Harish Rawat took a jibe at the BJP government, Share post on social media
हरीश रावत - फोटो : एएनआई फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश में विभागीय मंत्रियों की ओर से सचिवों की सीआर लिखने और बेलगाम अफसरशाही की खबरों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर तंज कसा है। हरीश ने कहा कि नई सरकार पुरानी ब्यूरोक्रेसी में लगातार खामियां ढूंढ रही है।

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सरकार के रुख से ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे ब्यूरोक्रेसी में पहले तमाम खामियां थीं और अब सरकार सबको चुस्त-दुरुस्त करने जा रही है। जबकि इससे पहले पांच साल भाजपा की ही सरकार थी। अपने फेसबुक पेज पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार और अफसरशाही के बीच छिड़े द्वंद्व का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
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हरीश रावत ने कहा कि सरकार के हवाले से बेलगाम अफसरशाही की खबरें लगातार बाहर आ रही हैं। अफसरशाही के बेलगामपन और उसको साधने के लिए मंत्रियों की ओर से चेतावनी या उनके ओर से उठाए जा रहे कदम, जिसमें सचिवों की सीआर लिखने के अधिकार जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक ब्यूरोक्रेसी को इस अंदाज में धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जैसे अब आगे सब चुस्त-दुरुस्त हो जाएगा। लेकिन एक बात, जो समझने वाली है कि ब्यूरोक्रेसी में यह सारी खामियां चुनाव के बाद और भाजपा को दो-तिहाई बहुमत से सत्ता मिलने के बाद ही क्यों उजागर हो रही हैं।

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हरीश ने कहा कि क्या इससे पहले किसी और पार्टी की सरकार थी? क्या पहले के पांच वर्षों में जो तीन मुख्यमंत्री व मंत्री थे, कहीं और से आयातित थे? मंत्रियों के अंदाज और समाचारों की शब्दावली से ऐसा आभास होता है कि पहले सब गड़बड़ था, अब सब ठीक किया जा रहा है।

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