क्यों हरीश रावत को सोनिया से मांगनी पड़ी माफी?
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लोकसभा चुनाव में हार के 17 दिन बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए आखिरी समय तक चुनावी माहौल को कांग्रेस के पक्ष में न बनाए रखने की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा, पंचायत चुनाव, खुद के चुनाव लड़ने और विधानसभा उपचुनाव के अलावा राज्यसभा की खाली हो रही सीट के मुद्दे पर आलाकमान से चर्चा की।
नरेन्द्र मोदी से भी होनी थी मुलाकात
मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मिलना था लेकिन केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के निधन के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।
सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तराखंड में कांग्रेस उम्मीदवारों ने बेहतर चुनाव लड़ा है।
शुरुआत में कांग्रेस के पक्ष में जो माहौल दिखाई दे रहा था उसे चुनाव के अंतिम समय तक बरकरार नहीं रख पाए। उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी को चारधाम यात्रा की सफलता पूर्वक शुरूआत की जानकारी भी दी गई है।
कहां से चुनाव लड़ना है जल्द बताऊंगा
प्रकृति को छोड़कर यात्रा में जो भी दिक्कतें आ रही हैं सरकार उसे पूरी मुस्तैदी से दूर कर रही है ताकि देशभर में अच्छा मैसेज जाए।
मुख्यमंत्री का कहना है कि हाईकमान से विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी बात हुई। उन्होंने कहा कि मैं कहां से चुनाव लड़ूंगा इसकी जानकारी भी जल्द दे दी जाएगी।
राज्यसभा की खाली हो रही सीट को लेकर उनका कहना है कि यह अधिकार पार्टी आलाकमान का है कि वह किसे उम्मीदवार बनाता हैं। जो भी उम्मीदवार तय होगा हम सब उसके साथ खड़े होंगे।