हरीश की दो टूक: 'मैं फेल नहीं हुआ हूं'
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अपनी सरकार के एक साल के कार्यकाल की मीडिया में हो रही आलोचना पर मुख्यमंत्री हरीश रावत खुलकर बोले। उनका कहना है नौकरशाहों और अन्य के असहयोग के चलते योजनाएं परवान नहीं चढ़ीं, लेकिन इसका मतलब कतई नहीं है मैं फेल हो गया।
मुख्यमंत्री ने मीडिया की खबरों पर कहा कि ये आलोचना नहीं अन्याय है। उन्होंने मूल्यांकन के लिए सुझाव दिया कि संकीर्ण दृष्टिकोण से न देखकर उनकी पहल को देखे जो उससे पहले राज्य में शुरू ही नहीं हुई। किसी को तो पहल करनी थी।
उन्होंने माना कि शीतकालीन चारधाम यात्रा में कम लोग आए लेकिन सरकार सुरक्षित उत्तराखंड का मैसेज देना चाहती थी। बावजूद ऊखीमठ, जोशीमठ और मद्महेश्वर तक लोग पहुंचे।c
'अभी नहीं, बाद में दिखेगा योजनाओं का असर'
हिमालय दर्शन सेवा एक-दो साल में परवान नहीं चढ़ेगी लेकिन इसके माध्यम ये आने वालों के लिए एक मार्केट तैयार होगी और पर्यटन बढ़ेगा। नए प्रयोग के तौर पर सरकार पांच सौ गांवों को ईको विलेज के तौर पर विकसित करेगी।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा-शिक्षा की दिक्कतें आज की नहीं है। इस मुद्दे को सरकार ने गंभीरता से लिया है। कई बार सहयोग नहीं मिल पाता है और ऐसी खबरों से अधिकारियों को बहाना मिलता है।
देहरादून के अटके फ्लाईओवर
सीएम ने कहा इस योजना की अपरिपक्व शुरुआत की गई थी। जमीन अधिग्रहण किए बिना टेंडर कर दिए गए। इसके बावजूद सरकार ने इस योजना को अंजाम तक ले जाने का काम किया है। तीन फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। एक की प्रगति अच्छी है, दूसरे को शुरू करने जा रहे हैं। तीसरे के लिए तरीका खोज रहे हैं। इसे मेरी सरकार की गलती नहीं माना जा सकता।
'जहां जरूरी था वहां की गई सर्जरी'
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने 32 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। गड़बड़ी पर कई विभागाध्यक्षों को हटाया है। जरूरत पड़ने पर आवश्श्यक सर्जरी कर लेते हैं। स्वास्थ्य विभाग में बिल घोटाले में कार्रवाई पर देरी होने पर सीएम ने कहा कि विभाग की जिम्मेदार है। मैंने पूछा है कि क्यों विलंब हुआ। ऐसे बहुत सारे मुद्दे उठते हैं इसमें सीएम का पूरा दायित्व नहीं है।
एक-दो महीने में खनिज नीति
सीएम ने कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं को नीति के दायरे में लाए हैं। खनिज को लेकर एक-दो महीने में नीति बना लेंगे। खनिज का निस्तारण नीलामी आधारित होगा इस पर होमवर्क पूरा कर लिया गया है।
मलिन बस्तियों का नियमितीकरण
सीएम ने कहा कि सरकार जल्द ही मलिन बस्तियों के नियमितीकरण पर फैसला लेगी। राज्य में कोई भी भूमिहीन नहीं रहेगा उसे आवास की भले ही जमीन का छोटा टुकड़ा मिले। इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
मैंने नहीं कहा मंत्रियों को हटाएंगे
सीएम ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा कर उन्हें हटाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि यह सवाल आगे सुझाव के लिए ठीक है। उल्लेखनीय है कि सीएम ने कार्यकाल संभालने पर कहा था कि एक साल मंत्रियों का कामकाज देखने के बाद समीक्षा करेंगे।