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जेटली से मिले सीएम रावत, योजनाओं में मांगा 90 फीसदी हिस्सा

Sat, 02 Jul 2016 03:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 02 Jul 2016 03:36 AM IST
सार

  • वाह्य सहायतित परियोजनाओं में 90 फीसदी हिस्सा दे केंद्र
  • मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री से मुलाकात में तमाम मुद्दों पर की चर्चा
  • जल विद्युत परियोजनाओं पर रोक से भारी राजस्व हानि की बात कही

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harish rawat met finance minister arun jaitley.
हरीश रावत ने अरुण जेटली से मुलाकात की। - फोटो : अमरउजाला

विस्तार

बाह्य सहायतित परियोजनाओं में केंद्र और राज्य का हिस्सा 90 अनुपात 10 करने समेत तमाम मुद्दों पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। इस दौरान हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड का 65 फीसदी भाग वनाच्छादित है। वन संबंधी बाध्यताओं व अन्य कारण हाईड्रोपॉवर व पर्यटन के सम्भावित राजस्व से राज्य को वंचित होना पड़ रहा है।

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राज्य में लगभग 30 हजार मेगावाट जलविद्युत की संभावना मौजूद है, मगर पर्यावरण और अन्य कारणों से नई जलविद्युत परियोजनाओं पर रोक लगी है। इसके चलते राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 1700 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।
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मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री का ध्यान बीके चतुर्वेदी कमेटी की उस संस्तुति की ओर आकृष्ट किया, जिसमें कहा गया था कि सकल बजटीय सहायता का 2 प्रतिशत हिस्सा 11 हिमालयी राज्यों के लिए सुनिश्चित किया जाए। उत्तराखंड की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए इसे विशेष श्रेणी का दर्जा दिया गया था।
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बाह्य सहायतित परियोजनाओं में 90:10 के अनुपात में फंडिंग की जा रही थी। साथ ही केंद्र की तमाम स्कीमें भी राज्य में चलाई जा रही थीं। नई व्यवस्था में ब्लॉक ग्रांट रोकने से वर्तमान विश्रीय वर्ष में कुल 2800 करोड़ रुपए की राज्य को हानि हुई है। केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया गया है।

उत्तराखंड को हो रहा 1500 करोड़ का नुकसान

harish rawat met finance minister arun jaitley.
हरीश रावत - फोटो : अमरउजाला

इसको शामिल करने के बावजूद राज्य को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1500 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि उत्तराखण्ड एकमात्र राज्य है, जिसे नई व्यवस्था में राज्य को केंद्रीय सहायता (सीएएस) में नुकसान हुआ है। जहां अन्य राज्यों को सीएएस में प्रति व्यक्ति एक हजार रुपए का लाभ हो रहा है, वहीं उत्तराखण्ड को 48 रूपए प्रति व्यक्ति का नुकसान हुआ है।

सूबे के सियासी उठापटक के बीच केंद्र ने 4 माह का लेखानुदान बजट संसद से पारित किया था। रावत सरकार अपना बजट विधानसभा में पेश करेगी।  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात कर बजट की बारीकियों को समझा। साथ ही समुचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए मांगे 124 करोड़
देहरादून। अनुसूचित जाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग सवा सौ करोड़ की धनराशि जारी करने के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता थावर चंद गहलोत से दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा संचालित अनुसूचित जाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2014-15 व 2015-16 की कुल 123 करोड़ 98 लाख 93 हजार रुपये की धनराशि उत्तराखंड को अवमुक्त की जानी है।

मांग के सापेक्ष वर्ष 2014-15 में 37 करोड़ 44 लाख 27 हजार रुपये और वर्ष 2015-16 में 86 करोड़ 54 लाख 66 हजार रुपये की राशि केंद्र से अवमुक्त नहीं की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की मांग के सापेक्ष धनराशि का आवंटन राज्य को न किए जाने से इस योजना का लाभ समाज के सबसे निर्बल वर्ग के छात्रों को नहीं मिल पा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने तत्काल 52.3 करोड़ रुपये जारी किए। उन्होंने मुख्यमंत्री को शेष राशि जल्द जारी करने का आश्वासन दिया।

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