विनियोग विधेयक से बचने को 'सरकार' भरेंगे आखिरी दम
- दिल्ली में वित्त मंत्री से गुहार लगाएंगे मुख्यमंत्री
- उत्तराखंड के आला अधिकारी भी बुलाए गए
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विधानसभा में विनियोग विधेयक लाने से बचने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक अंतिम प्रयास करने की तैयारी की है। इसके तहत वे शुक्रवार को दिल्ली में वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलेंगे। उनसे बजट को लेकर गुहार लगाई जाएगी। इस कवायद के लिए उत्तराखंड के तमाम बड़े अधिकारियों को सुबह-सुबह दिल्ली पहुंचने का फरमान सुनाया गया है।
खबर यह भी है कि विनियोग विधेयक को विधानसभा में लाने पर प्रश्नचिन्ह लगने के चलते यह फार्मूला आजमाया जा रहा है।
हाल की कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया था कि 40422 करोड़ रुपए का बजट विधानसभा से पास कराया जाएगा। इसकी तैयारियां भी तेजी से शुरू हो गई थीं। मगर कहानी तब फंस गई जब विधानसभा में बजट पेश करने को लेकर ही सवाल खड़े हो गए।
दरअसल सियासी संकट के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने लिखित रूप से यह बात भी कही है कि राज्य सरकार का बजट पास है।
दोबारा बजट पास हुआ तो हरीश के सामने आएगा संकट
बावजूद इसके दोबारा बजट पास कराए जाने की स्थिति में मुख्यमंत्री का हलफनामा झूठा साबित हो सकता है। यह स्थिति हरीश रावत के सामने नया संकट खड़ा कर सकती है। इसे देखते हुए अब केंद्र से बजट का ताला खुलवाने का एक अंतिम प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत शुक्रवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत पहले न्याय अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत से मिलेंगे।
उनसे एससी-एसटी वर्ग की स्कॉलरशिप समेत अन्य योजनाओं के मद में रुके पैसे को जारी करने की मांग करेंगे। इसके बाद दिन में 11 बजे वे मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह के अलावा लॉ सेकेट्री समेत अन्य प्रमुख अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद सभी को लेकर वे वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करेंगे, जहां वे बजट न होने से राज्य में मौजूद आर्थिक संकट व विकास की अड़चनों का जिक्र करेंगे।
यदि बात बन जाती है तो विधानसभा सत्र में बजट का मसौदा नहीं रखा जाएगा और बात नहीं बनती है तो फिर एक नई मुश्किल से सामना होना तय है।