फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   harish rawat having food in dalit house

खूब चमकी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की 'भजन-भोजन' की दलित सियासत

Mon, 05 Feb 2018 01:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 05 Feb 2018 01:33 PM IST
विज्ञापन
harish rawat having food in dalit house
harish rawat having food in dalit house - फोटो : amar ujala

पहले पथरिया पीर के वाल्मीकि मंदिर में भजन और फिर सरिता वाल्मीकि के यहां दलित भोज। पूर्व उत्तराखंड सीएम हरीश रावत ने रविवार को भजन-भोजन से दलितों के बीच अपनी मौजूदगी का अहसास कराया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस की छाप नहीं थी।

विज्ञापन


हरीश रावत और उनके समर्थकों ने ही सब कुछ रचा-बुना था। कांग्रेस की सियासत में अपने बूते आगे बढ़ने की हरीश रावत और समर्थकों की ललक छिपी नहीं थी। हालांकि, कांग्रेस की बात भी हुई और भाजपा की लानत-मलानत भी, मगर संदेश भी निकलकर आए। हरीश रावत कांग्रेस के पुराने और परंपरागत वोट बैंक को एकजुट करने और उनके बीच अपने को खड़ा करने के अभियान में जुट गए हैं।
विज्ञापन


पथरिया पीर का पूरा इलाका इस कार्यक्रम की धमक से गूंजता रहा। अपने मजबूत साथी और कांग्रेस के दलित चेहरे सांसद प्रदीप टम्टा का हाथ पकड़कर हरीश रावत सुबह सीधे वाल्मीकि मंदिर पहुंचे। वाल्मीकि प्रतिमा के नीचे हरीश रावत का आसन जमा और फिर भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया। साथ ही साथ बुके, गुलदस्ते, फूलमालाओं से स्वागत और फोटो सेशन भी चलता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
मीडिया से हरीश रावत बतियाते रहे और इस आयोजन का मकसद समझाते रहे। कहते रहे-मोदी मॉडल की खूब बात हुई। देखने निकला हूं कि यह मॉडल हैं कहां। जनता और जनार्दन दोनों के दरवाजे पर जा रहा हूं। भाजपा पर कटाक्ष भी किए। कहा-दलितों के लिए उसने क्या किया, यह सब जानते हैं और हमने क्या किया, किसी से छिपा नहीं है। इसके बावजूद यह जानना जरूरी है कि क्यों हमें विधानसभा चुनाव में ऐसी हार मिली।

भोजन की तारीफ और चुटकी से हरीश रावत माहौल को हल्का किया

harish rawat having food in dalit house
harish rawat having food in dalit house - फोटो : amar ujala
हरीश रावत ने अपने इस कार्यक्रम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश की। इसलिए भले ही दलित भोज का कार्यक्रम दूसरी जगह था, लेकिन कुछ समय उन्होंने एक और व्यक्ति के घर पहुंचकर चाय-पानी पीने के लिए निकाला। फिर सीधे सरिता वाल्मीकि के घर पर पहुंच गए। नीचे जमीन पर प्रदीप टम्टा, सुशील राठी और अपने कुछ अन्य सहयोगियों के साथ बैठे और बडे़ चाव से भोजन किया। बीच-बीच में भोजन की तारीफ और चुटकी से हरीश रावत माहौल को हल्का-फुल्का बनाते रहे।

अमित शाह ने गलत किया, कभी नहीं कहा
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि दलित भोज जैसे कार्यक्रमों से भावनात्मक पहलू जुडे़ हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने दलित भोज किया तो हमने उनकी सराहना ही की होगी। ऐसा कभी नहीं कहा होगा कि उन्होंने गलत किया।

अलग काम करने से परिवार का ही फायदा
कांग्रेस के पदाधिकारियों की मौजूदगी से दूर इस कार्यक्रम को लेकर सवाल उठे तो पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने ही अंदाज में उसका जवाब भी दिया। उन्होंने कहा-परिवार में जब ज्यादा कमाने वाले हों तो अलग-अलग काम होता है। मगर इससे आखिर में परिवार को ही फायदा मिलता है।

‘ये हमारे एमपी हैं, देखो, सब चट कर गए’
दलित भोज में हरीश रावत ने रोटी, चावल, अरहर की दाल और आलू-गोभी की सब्जी खाई। उन्होंने तिल के लड्डू भी खाए। इस दौरान, पास बैठे प्रदीप टम्टा को लेकर उन्हाेंने चुटकी भी ली। उन्होंने कहा-ये हमारे एमपी हैं, देखो सारा खाना चट कर गए हैं।

खाली हैं रावत, कहीं भी कर लें भोजन
भाजपा ने हरीश रावत के दलित भोज कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह अब खाली हैं, कहीं भी भोजन कर सकते हैं। मगर इससे कांग्रेस का भला नहीं होने वाला। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है और दलित भोज जैसे कार्यक्रम वर्चस्व के लिए ही किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed