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जानिए कैसे? राहुल गांधी की नकल कर रहे हैं उत्तराखंड के यह पूर्व मुख्यमंत्री
राकेश खंडूड़ी,अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 06 Feb 2018 06:19 PM IST
सार
-खोया वजूद पाने की चाहत
-मंदिर के एक तीर से कई निशाने
-भगवान की शरण में आना ही पड़ा
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harish rawat
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विस्तार
सूबे की सियासत में अपना खोया वजूद टटोल रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खूब हाथ-पांव मार रहे हैं। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की नकल करने से भी परहेज नहीं किया है। विधानसभा चुनाव के दौरान जिस तरह से राहुल गांधी ने गुजरात के मंदिरों में जाकर अपने धुर विरोधी भाजपा को असहज करने की कोशिश की थी, कुछ उसी तरह का प्रयास हरीश रावत उत्तराखंड में कर रहे हैं।
हरीश रावत ने प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करने की ठानी है। इसकी शुरुआत वह गत रविवार को राजधानी देहरादून से कर चुके हैं। सोमवार को उन्होंने मोहंड स्थित टपकेश्वर महादेव और कुआंवाला के पास लक्ष्मण सिद्ध मंदिर में जाकर भजन कीर्तन किया। मंगलवार यानी आज उनका तीर्थनगरी हरिद्वार के मंदिरों में पूजा पाठ करने का कार्यक्रम है। बकौल मुख्यमंत्री, मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना का उनका यह कार्यक्रम चरणबद्ध ढंग से जारी रहेगा। कभी जिस भगवे से कांग्रेस को परहेज था, आज उसी भगवे को कंधे पर ओढ़े हरीश मंदिरों में प्रभु की माला जप रहे हैं।
खोया वजूद पाने की चाहत
गुजरात में राहुल गांधी ने दर्जनों में मंदिरों में जाकर पूजा पाठ किया था। भाजपा ने इसे उनका पाखंड करार दिया था और इसे इलेक्शन पालिटिक्स बताते हुए कांग्रेस और राहुल की आलोचना की थी। चुनाव में बेशक भाजपा जीती मगर 41.4 फीसदी वोट के साथ कांग्रेस 77 सीटें हासिल करने में कामयाब रही। वर्ष 2012 की तुलना में उसकी 16 सीटों का इजाफा हुआ। लेकिन उत्तराखंड में हरीश रावत के सामने चुनाव से बड़ी चुनौती खुद के खोये सियासी वैभव को हासिल करना है। विधानसभा में कांग्रेस की करारी शिकस्त और उनकी किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण सीटों से हार के बाद उनके सियासी भविष्य पर सवालिया निशान लगा है। सियासी जानकारों की मानें तो अब वह अपने खोये वजूद को पाने के लिए हाथ पांव मार रहे हैं।
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हरीश रावत ने प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करने की ठानी है। इसकी शुरुआत वह गत रविवार को राजधानी देहरादून से कर चुके हैं। सोमवार को उन्होंने मोहंड स्थित टपकेश्वर महादेव और कुआंवाला के पास लक्ष्मण सिद्ध मंदिर में जाकर भजन कीर्तन किया। मंगलवार यानी आज उनका तीर्थनगरी हरिद्वार के मंदिरों में पूजा पाठ करने का कार्यक्रम है। बकौल मुख्यमंत्री, मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना का उनका यह कार्यक्रम चरणबद्ध ढंग से जारी रहेगा। कभी जिस भगवे से कांग्रेस को परहेज था, आज उसी भगवे को कंधे पर ओढ़े हरीश मंदिरों में प्रभु की माला जप रहे हैं।
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खोया वजूद पाने की चाहत
गुजरात में राहुल गांधी ने दर्जनों में मंदिरों में जाकर पूजा पाठ किया था। भाजपा ने इसे उनका पाखंड करार दिया था और इसे इलेक्शन पालिटिक्स बताते हुए कांग्रेस और राहुल की आलोचना की थी। चुनाव में बेशक भाजपा जीती मगर 41.4 फीसदी वोट के साथ कांग्रेस 77 सीटें हासिल करने में कामयाब रही। वर्ष 2012 की तुलना में उसकी 16 सीटों का इजाफा हुआ। लेकिन उत्तराखंड में हरीश रावत के सामने चुनाव से बड़ी चुनौती खुद के खोये सियासी वैभव को हासिल करना है। विधानसभा में कांग्रेस की करारी शिकस्त और उनकी किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण सीटों से हार के बाद उनके सियासी भविष्य पर सवालिया निशान लगा है। सियासी जानकारों की मानें तो अब वह अपने खोये वजूद को पाने के लिए हाथ पांव मार रहे हैं।
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मंदिर के एक तीर से कई निशाने
harish rawat
हरीश रावत की मंशा मंदिर पालीटिक्स के जरिए एक तीर से कई निशाने साधने की है। वह भाजपा को असहज करना चाहते हैं कि केंद्र और राज्यों की सत्ता पाने के बाद वह अयोध्या में मंदिर बनाने के अपने वादे को भूल गई। उसने मंदिर के मुद्दे को सत्ता पर काबिज होने के लिए इस्तेमाल किया। संभवतः इसी उद्देश्य से हरीश रावत मंदिरों में जाकर लोगों की स्मृतियों में धुंधली पड़ चुकी भाजपा के राम मंदिर के वादे की भी याद दिलाना चाहते हैं।
भगवान की शरण में आना ही पड़ा
भाजपा ने हरीश रावत की मंदिर पालिटिक्स पर यह कहकर कटाक्ष किया कि पहले उनकी पार्टी मंदिर जाने को अपना अपमान समझती थी, लेकिन अब उन्हें भगवान की शरण में आना ही पड़ा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने निशाना साधा कि गुजरात में राहुल गांधी भी खूब मंदिरों में घूमे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने जितने पाप किए हैं, मंदिर जाकर उनका वे प्रायश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर धर्म पंथ के नाम पर देश को बांटने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
भगवान की शरण में आना ही पड़ा
भाजपा ने हरीश रावत की मंदिर पालिटिक्स पर यह कहकर कटाक्ष किया कि पहले उनकी पार्टी मंदिर जाने को अपना अपमान समझती थी, लेकिन अब उन्हें भगवान की शरण में आना ही पड़ा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने निशाना साधा कि गुजरात में राहुल गांधी भी खूब मंदिरों में घूमे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने जितने पाप किए हैं, मंदिर जाकर उनका वे प्रायश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर धर्म पंथ के नाम पर देश को बांटने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।