मंगलौर में शाहीन बाग की तर्ज पर प्रदर्शन, बड़ी संख्या में सीएए के विरोध में जुटीं महिलाएं
- प्रदर्शन में विधायक भी पहुंचे
- पुलिस बल रहा तैनात, धरना, प्रदर्शन की कराई गई वीडियोग्राफी भी
विस्तार
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं। उन्होंने प्रदर्शन कर सीएए को रद्द किए जाने की मांग की।
महिलाओं के विरोध को देखते हुए कस्बे में चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। साथ ही खुफिया विभाग भी अलर्ट रहा। पुलिस प्रशासन ने पूरे धरना, प्रदर्शन की वीडियोग्राफी भी करवाई। विधायक काजी निजामुद्दीन भी प्रदर्शन के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे।
इससे पूर्व मंगलवार सुबह महिलाओं के एकत्र होने की सूचना पर कस्बे में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। महिलाओं ने प्रदर्शन की शुरूआत राष्ट्रगीत से की। इसके बाद कहा कि सीएए से देश का हर नागरिक परेशान है।
कानून को वापस लिया जाना बेहद जरूरी
जनहित में इस कानून को वापस लिया जाना बेहद जरूरी है। कहा कि उन्हें धरने का शौक नहीं, वह घर से बाहर केवल इसलिए निकली हैं ताकि सरकार जाग सके। महिलाओं के प्रदर्शन की सूचना पर विधायक काजी निजामुद्दीन भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि असम में एनआरसी का प्रयोग किया जा चुका है।
पूर्व विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष चौधरी इस्लाम, ऑल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नय्यर काजमी, बसपा नेता डॉ. शमशाद, मौलाना सिब्ते हसन-ए नवाज काजमी, मौलाना शाहवेज अब्बास, मौलाना इकबाल हुसैन, मुफ्ती राशिद कासमी, काजी अबरार मसूद, अमजद उस्मानी, पूर्व सभासद रौनक जैदी भी मौके पर पहुंचे।
महिलाओं ने दोपहर की नमाज भी धरना स्थल पर अदा की। धरना देने वालों में रुखसार, अलीशा, कमर जहां, रहमानी, शबनम, रानी, सानिया और अफरोज आदि शामिल रहीं।