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हरिद्वार: पिछले 20 दिन से बंद पड़ी गंग नहर में दिवाली की रात छोड़ा पानी, यूपी-दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मिली राहत
Fri, 05 Nov 2021 01:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 05 Nov 2021 01:34 PM IST
सार
प्रतिवर्ष इन सभी कार्यों के लिए गंग नहर को अक्तूबर और नवंबर माह के दौरान बंद किया जाता है। नहर बंदी के दौरान यूपी सिंचाई विभाग ने सभी कार्य पूरे किए।
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अक्तूबर और नवंबर माह के दौरान बंद की जाती है नहर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पिछले 20 दिन से बंद पड़ी गंग नहर में दिवाली की देर रात यूपी सिंचाई विभाग ने पानी छोड़ दिया। साफ-सफाई, रंग-रोगन, रजवाहों की मरम्मत, सिल्ट की सफाई आदि कार्यो के लिए दिवाली से 20 दिन पहले यूपी सिंचाई विभाग ने नहर बंद की थी।
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अक्तूबर और नवंबर माह के दौरान बंद की जाती है नहर
प्रतिवर्ष इन सभी कार्यों के लिए गंग नहर को अक्तूबर और नवंबर माह के दौरान बंद किया जाता है। नहर बंदी के दौरान यूपी सिंचाई विभाग ने सभी कार्य पूरे किए। यूपी-दिल्ली-एनसीआर आदि क्षेत्रों में गंग नहर के बंद होने से पानी की किल्लत होती है।
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गंग नहर में वापस जल छोड़े जाने से इन सभी क्षेत्रों में लोगों को राहत मिली है। विजयदशमी की मध्य रात्रि से गंग नहर बंदी से हरकी पैड़ी पर पानी का संकट हो गया था। हरकी पैड़ी का जलस्तर गिरने से श्रद्धालु अब डुबकी नहीं लगा पा रहे थे।
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नहर की वार्षिक सफाई और मरम्मत कार्य किया गया
यूपी सिंचाई विभाग ने 15 अक्तूबर की मध्य रात्रि से गंग नहर का पानी बंद कर दिया था। चार नवंबर की मध्य रात्रि में नहर में पानी छोड़ा गया। इस अवधि में नहर की वार्षिक सफाई और मरम्मत कार्य किया गया। नहर बंदी का असर हरकी पैड़ी के जलस्तर पर पड़ा। हरकी पैड़ी तक पानी भगीरथ बिंदु से आता है। भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का पानी रोके जाने पर भगीरथ बिंदु का जलस्तर बढ़ता है। गंग नहर बंदी के बाद बैराज से पानी सीधे गंगा में छोड़ा जा रहा है। यह सिलसिला 20 दिन चार नवंबर तक चला।
गंग नहर में पानी चलने पर हरकी पैड़ी पर जलस्तर करीब तीन से साढ़े तीन फीट रहता है। नहर बंद होते ही हरकी पैड़ी का जलस्तर एक फीट रह गया था। कई जगहों पर पानी नहीं होेने के चलते रेत के टीले दिख रहे थे। इससे श्रद्धालुओं को चुल्लू में पानी भरकर स्नान करना पड़ा। डुबकी लगाने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को निराश होना पड़ा।