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Haridwar: सेवानिवृत्त डीएफओ किशनचंद को अखाड़े से किया बाहर, आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार का है आरोप
Thu, 15 Dec 2022 08:16 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 15 Dec 2022 08:16 PM IST
सार
सुरेश राठौर ने कहा कि किशनचंद के विरुद्ध जो भी जांच चल रही हैं और जब तक वह पूरी नहीं हो जाती। जब तक वह संन्यास परंपराओं को धारण नहीं करते हैं तक तक उन्हें अखाड़े के महामंत्री पद और अखाड़े की सभी कार्यकलापों से मुक्त किया जाता है।
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श्री गुरु रविदास खाड़े के अध्यक्ष रविदासाचार्य सुरेश राठौर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विजिलेंस की रडार पर पर पूर्व आईएफएस किशनचंद को श्री गुरु रविदास अखाड़ा के महामंत्री पद से निष्कासित करते हुए बाहर कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को बहादराबाद रिसर्च कॉलोनी में हुई श्री गुरु रविदास अखाड़ा की बैठक में पूर्व विधायक और अखाड़े के अध्यक्ष रविदासाचार्य सुरेश राठौर ने यह निर्णय लिया।
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प्रेस को जारी बयान में सुरेश राठौर ने कहा कि किशनचंद के विरुद्ध जो भी जांच चल रही हैं और जब तक वह पूरी नहीं हो जाती। जब तक वह संन्यास परंपराओं को धारण नहीं करते हैं तक तक उन्हें अखाड़े के महामंत्री पद और अखाड़े की सभी कार्यकलापों से मुक्त किया जाता है।
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बता दें कि किशनचंद पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में तैनाती के दौरान मोरघट्टी और पाखरो में अवैध तरीके से निर्माण कार्य कराने, हरे पेड़ों के कटान, सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी बिल बनाकर ठेकेदारों को भुगतान करने के आरोप लगे हैं।
मामले की जांच विजिलेंस कर रही है। पिछले दिनों हल्द्वानी विजिलेंस कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किए थे। वारंट जारी करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस की टीम ने हरिद्वार जनपद में उनके कई ठिकानों पर दबिश दी थी। पर वह हाथ नहीं आए थे।
विजिलेंस उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। इससे अखाड़े की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए अखाड़े ने किशनचंद से फिलहाल दूरी बनाए रखने में ही भलाई समझी है। नवंबर में सुरेश राठौर ने अखाड़े बनाने के एलान के साथ ही किशनचंद को महामंत्री पद से नवाजा था। लेकिन विजिलेेंस की जांच के चलते उन्हें इस पद से हटाना पड़ गया।