हरिद्वार में तय समय पर होगा कुंभ, अखाड़ों को व्यवस्था बनाने के लिए दी जाएगी धनराशि: मुख्यमंत्री
- अखाड़ों के संपर्क मार्गों का किया जाएगा निर्माण, हटाए जाएंगे अतिक्रमण
- कुंभ की तैयारियों को लेकर सीएम ने की अखाड़ों के साथ बैठक
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि महाकुंभ के लिए अखाड़ों की ओर से अपने स्तर पर श्रद्धालुओं के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के लिए सरकार ग्रांट के रूप में धनराशि देगी। कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए विभागीय अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
बुधवार को सीएम आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कुंभ की तैयारियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखाड़ा परिषद के सदस्यों के विचार व सुझाव पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अखाड़ा परिषद को अपनी समस्याओं के बारे में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को अवगत कराने को कहा है।
सीएम ने कहा कि 2021 में होने वाला महाकुंभ निर्धारित समय पर आयोजित होगा। इसका स्वरूप कैसा होगा, यह उस समय की परिस्थिति पर निर्भर करेगा। अखाड़ों को अपने स्तर पर श्रद्धालुुओं के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के लिए जिन अखाड़ों के पास अपनी जमीन होगी, उन्हें सरकार की ओर से ग्रांट के रूप में धनराशि दी जाएगी।
स्थायी निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे
कुंभ से पहले सभी स्थायी निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे। हरिद्वार को जोड़ने वाले पुलों और सड़कों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। अखाड़ों के लिए जाने वाले संपर्क मार्गों का पुनर्निर्माण करने के साथ ही अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
बैठक में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने हरिद्वार कुंभ मेले में घाटों का नाम 13 अखाड़ों के ईष्ट देवों तथा सेक्टरों के नाम भी अखाड़ों के नाम रखने का सरकार से अनुुरोध किया। वहीं, संपर्क मार्गों की मरम्मत, बिजली, पानी, शौचालयों की मरम्मत के लिए अधिकारियों को निर्देश दिने का आग्रह किया।
बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, आईजी कुंभ मेला संजय गुुंज्याल, महंत रवींद्र गिरी, महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री, महंत भगत राम, रणधीर गिरी, अंबिका पुरी, बलराम भारती, प्रेम दास आदि मौजूद थे।