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हरिद्वार: धर्मसंसद के संरक्षक महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि को मिली जान से मारने की धमकी
Fri, 18 Feb 2022 06:50 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 18 Feb 2022 06:50 PM IST
सार
धर्मसंसद के संरक्षक महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि को जान से मारने की धमकी देने के बाद धर्मसंसद के प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से मुलाकात कर सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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धरने पर बैठे यति नरसिंहानंद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
धर्मसंसद के संरक्षक महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि को जान से मारने की धमकी देने के बाद धर्मसंसद के प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से मुलाकात कर सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। एसएसपी ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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दूसरी ओर हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में भड़काऊ भाषण और संप्रदाय विशेष की महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में जेल में बंद गाजियाबाद डासना स्थित देवी मंदिर के महंत एवं जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद बृहस्पतिवार को रिहा हो गए। जेल से रिहा होने के बाद वह फिर से वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की रिहाई को मांग लेकर सर्वानंद घाट पर धरने पर बैठ गए है।
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पिछले वर्ष 17 से 19 दिसंबर तक उत्तरी हरिद्वार के खड़खड़ी स्थित वेद निकेतन में आयोजित धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने और समुदाय विशेष की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर यति नरसिंहानंद गिरि के खिलाफ अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज हुए थे। वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था।
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16 जनवरी को पुलिस ने यति नरसिंहानंद को भी किया था गिरफ्तार
पुलिस ने 13 जनवरी को वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। वसीम रिजवी की रिहाई की मांग को लेकर यति नरसिंहानंद ने सर्वानंद घाट पर धरना शुरू कर दिया था। 16 जनवरी को नगर कोतवाली पुलिस ने यति नरसिंहानंद को भी गिरफ्तार किया था।
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धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने के मामले में यति नरसिंहानंद की जमानत पहले ही मंजूर हो गई थी। लेकिन महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में लगातार सुनवाई चल रही थी। इस मामले में भी 15 फरवरी को जमानत मिली थी। जमानत के लिए 50-50 हजार के दो जमानती कोर्ट में दाखिल किए गए थे।
वसीम की रिहाई नहीं होने तक धरना जारी रखेंगे
जमानती बने लोगों की तहसील और थाना स्तर से तस्दीक होनी थी। जिसके चलते बुधवार को उनकी रिहाई नहीं हो पाई थी। बृहस्पतिवार को जमानती बने लोगों की तस्दीक होने के बाद शाम पांच बजे जिला कारागार में रिहाई का परवाना पहुंचा। शाम 6.30 बजे यति नरसिंहानंद की रिहाई हुई।
रिहाई के दौरान सैकड़ों समर्थक जिला कारागार रोशनाबाद पहुंचे। इसके बाद यति नरसिंहानंद सर्वानंद घाट पर पहुंचे और शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की रिहाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक वसीम की रिहाई नहीं होती धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी हमारे भरोसे हिंदू बने हैं। ऐसे में उनका साथ नहीं छोड़ा जा सकता है।
शुक्रवार को धर्मसंसद का प्रतिनिधिमंडल रोशनाबाद स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचा और एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि पिछले दिनों जुबेर नाम के व्यक्ति की ओर से धर्मसंसद के संरक्षक महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि को जान से मारने की धमकी का पत्र भेजा गया।
इसके साथ ही इस पत्र में धर्मसंसद से जुड़े लोगों की सूची बनाकर हत्या करने की धमकी दी गई। एसएसपी ने सुरक्षा के लिए कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही रुड़की में खनन माफिया की ओर से सागर सिंधु पर जानलेवा हमले को लेकर भी चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल में धर्म संसद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि, धर्म संसद के सदस्य सागर सिंधु, विनोद महाराज, कमलेश आनंद आदि शामिल रहे।