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'हरक सिंह रावत हैं भ्रष्टाचार की जड़'

Sun, 01 Jun 2014 04:48 PM IST
अरुणेश पठानिया / अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 01 Jun 2014 04:48 PM IST
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harak singh rawat is corrupt

उपनल चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल एमसी बधानी ने उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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बधानी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत के इशारे पर उपनल भ्रष्टाचार व्याप्त है।

जनरल ने सीएम हरीश रावत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री हरक सिंह रावत की उनको हटाने की साजिश में हिस्सेदारी है।

मकसद से भटक गया उपनल

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जनरल बधानी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में उनको हटाने के लिए सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत को कारण बताया है।

बधानी ने कहा कि उपनल का गठन पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोजगार देने के लिए हुआ, लेकिन वह मकसद से भटक गया है।

बैकडोर से उपनल विभागों में आउटसोर्सिंग से भर्तियां करवा रहा है जिसके उनके पास पुख्ता सबूत हैं। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में भर्तियों के जिस मामले पर उन्होंने सीएम से जांच आदेश करवाए उसमें सैनिक कल्याण मंत्री फंस रहे थे।

उन्होंने कहा कि भर्तियों में इस कदर धांधली है कि विभागों के नाम पर हुई तैनाती के बदले अफसरों और नेताओं के घर पर कामकाज के लिए कर्मचारी रखे दिए गए हैं।

बधानी ने कहा कि मुझे निकालने के लिए सैनिक कल्याण मंत्री के बहकावे में सीएम हरीश रावत आ गए।

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उपचुनाव में जनता के बीच जाएंगे जनरल

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बधानी ने कहा कि मंत्री ने सारी शक्तियां एमडी के अंदर निहित करवा दी। ऐसे में एमडी चेयरमैन नहीं मंत्री की बात सुनता है।

उपनल से वाहन और वेतन के आरोपों पर जनरल बधानी ने कहा कि वह राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त हैं जिससे वह गाड़ी ले सकते हैं और उन्हें कोई अलग से वेतन नहीं दिया जाता था।

जनरल बधानी ने उनको उपनल से हटाने के लिए सीएम हरीश रावत की कमजोरी करार दिया है।

उन्होंने कहा कि एक मंत्री के गलत कार्यों को उजागर होने से बचाने के लिए सरकार उसका साथ दे रही है। सरकार बेहद कमजोर है नहीं चाहती कि सच जनता सामने आए।

उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक नियुक्ति थी, जिससे हटाने के कारणों को लेकर वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास जाएंगे।

कांग्रेस को लोकसभा चुनावों में झटका लगा। अब इस मुद्दे को डोईवाल और सोमेवश्वर विधानसभा उपचुनाव में लेकर जाएंगे।

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जनरल बधानी के हटने से बहुगुणा को झटका

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जनरल बधानी के उपनल से हटाने के बाद भड़के विवाद से सीएम हरीश रावत को सर्वाधिक फायदा पहुंचा है।

उपनल की कुर्सी के साथ अब राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति अध्यक्ष पद के लिए रावत खेमे के रास्ते खुल गए हैं। बधानी के हटने से पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को झटका लगा है।

इसी के साथ कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ नया मोर्चा खुलने से उनके विरोधी सक्रिय हो गए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के करीबी माने जाने वाले जनरल बधानी को हटाने की सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत की मुहिम भले सफल रही, लेकिन इससे फायदा सीएम हरीश रावत खेमे को होता दिख रहा है।

मंत्री ने एक सप्ताह पहले सीएम हरीश रावत से जनरल बधानी को हटाने का अनुमोदन ले लिया था, लेकिन आदेश जारी करने में हुई देरी के पीछे पूर्व सीएम विजय बहुगुणा की आपत्ति मानी जा रही है।

हरक सिंह रावत ने की बहुगुणा से मुलाकात

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मामले को लेकर सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत ने खुद पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से मुलाकात की।

जनरल बधानी को हटाने के पीछे सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह ने पूर्व सीएम विजय बहुगुणा की नाराजगी भी झेलनी पड़ी।

बधानी को हटाने का दवाब बनाने के लिए लगभग एक दर्जन कांग्रेस विधायकों को खड़ा किया गया, जिनके पत्रों का हवाला देकर हटाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के मानने के बाद ही जनरल बधानी को हटाया गया है। यह भी आपेक्षित था कि उपनल से हटने के बाद जनरल बधानी राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे।

बधानी ने इस्तीफा के बाद जिस तरह सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत को घेरा है उससे वह एक बार फिर विवादों में आ गए हैं।

माना जा रहा है कि बतौर उपनल चेयरमैन बधानी के पास कई ऐसे दस्तावेज हैं, जिनसे हरक की समस्याएं और बढ़ सकती है। ऐसे में नए चेयरमैन की नियुक्ति में सीएम हरीश रावत का दखल बढ़ जाएगा।

भर्तियों की है लड़ाई
उपनल सीधे तौर पर रोजगार से जुड़ा है, जिसके माध्यम से होने वाली भर्तियों में राजनीतिक हस्तक्षेप होता है।

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल में हरीश रावत के करीबी विधायक उपनल में अपनी अनदेखी का आरोप लगाते रहे हैं। जनरल बधानी ने इन आरोपों को पुख्ता किया है। ऐसे में सीएम हरीश रावत उपनल में अपना दखल बढ़ा सकते हैं।

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