रेप केस के बाद हरक सिंह रावत की मुश्किलें बढ़ी, गिरफ्तारी तय
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भाजपा नेता और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे हरक सिंह रावत के खिलाफ रेप का केस दर्ज होने के बाद उनकी गिरफ्तारी तय है।
कानून के जानकारों की माने तो पुलिस उन्हें पूछताछ के नाम पर बुलाने के बाद गिरफ्तार कर सकती है या फिर हरक सेशन कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। कानून के जानकारों का कहना है कि रेप के केस में अग्रिम जमानत का प्राविधान नही है।
हरक के खिलाफ असम निवासी महिला ने दिल्ली सफदरगंज एंक्लेव थाना पुलिस में दुराचार का मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि हरक ने उसे दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित अपने घर बुलाया और उसके साथ दुराचार किया।
रेप के केस में अग्रिम जमानत का प्राविधान नहीं
उत्तराखंड के पूर्व महाधिवक्ता जेडी जैन के मुताबिक महिला की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी। वह यह देखेगी कि महिला हरक के घर गई या नहीं।
यदि यह साबित होता है कि वह हरक के घर गई और वहां कुछ समय रुकी तो महिला के आरोप को बल मिलेगा। वहीं महिला के 164 के बयान पर भी पूरा मामला टिका है। यदि महिला कोर्ट में भी यही बयान देती है तो पुलिस हरक को पूछताछ के लिए बुला सकती है। पूर्व महाधिवक्ता ने कहा कि इसके बाद हरक की गिरफ्तारी हो सकती है।
रेप के केस में अग्रिम जमानत का प्राविधान नहीं है ऐसे में पूर्व मंत्री को अग्रिम जमानत भी नहीं मिल सकती। भाजपा नेता हरक सिंह के पूर्व अधिवक्ता शिवचरण सिंह रावत के मुताबिक महिला ने पुलिस को अब तक जो साक्ष्य दिए है इसके बाद उनकी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।