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कुंभ मेला 2010 से अटकी योजना में इस बार हो जाएगा हरकी पैड़ी का विस्तार

Sun, 23 Sep 2018 09:09 AM IST
रतनमणी डोभाल, अमर उजाला, हरिद्वार
रतनमणी डोभाल, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sun, 23 Sep 2018 09:09 AM IST
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har ki pedhi vistar will be done in 2021
haridwar

इस बार हरकी पैड़ी क्षेत्र के गंगाघाट और प्लेटफार्म का विस्तार कुंभ मेला 2021 की योजना में होने की उम्मीद है। विस्तार की योजना कुंभ मेला 2010 से अटकी हुई है। इस बार विस्तारीकरण की योजना में हरकी पैड़ी स्थित नगर निगम के जहान्वी बाजार को भी लिए जाने की अधिकारियों के स्तर पर अटकलें लगाई जाने लगी हैं।

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जिस तरह से सुप्रीमकोर्ट, हाईकोर्ट और एनजीटी गंगा घाटों पर गंदगी व गंगा को प्रदूषित किए जाने को लेकर प्रशासन की घेराबंदी कर रहा है। उसका समाधान विस्तारीकरण की योजना में छिपा हुआ है। गऊघाट से हरकी पैड़ी तक म्युनिस्पिल बायलॉज के विपरीत गंगाघाट की तरफ दुकानों, घरों, होटलों के दरवाजे खोलने की छूट दिए जाने के कारण ही क्षेत्र की दुर्दशा हुई है।
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देखते-देखते कांगड़ा घाट से भीमगोडा तक होटल, धर्मशाला वालों ने भी गंगाघाट की तरफ दरवाजे निकालकर जमीन भी कब्जा ली और गंगा को भी प्रदूषित किया जाने लगा है। इसकी रोकथाम में नगर निगम का जहान्वी बाजार सबसे बड़ी बाधा है। उसको हटाना जिलाधिकारी जो मेलाधिकारी के साथ-साथ एचआरडीए के वीसी भी हैं आसान हो सकता है। अर्द्धकुंभ मेला 2016 में विस्तारीकरण के लिए कुछ भवनों का अधिग्रहण भी कर लिया गया है और मुआवजा देने के लिए चार करोड़ रुपये की प्रथम किश्त सिंचाई विभाग को अवमुक्त कर दी गई थी।
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विभाग ने कांगड़ा मंदिर के आगे घाट बनाया भी है। लेकिन एक व्यक्ति ने अपने को मंदिर का पुजारी बताकर मुआवजा नहीं दिए जाने के आधार पर उच्च न्यायालय से स्टे लेकर विस्तार की योजना को अटका दिया था। मेला संपन्न होने के बाद सिंचाई विभाग ने अवमुक्त धनराशि को मेला अधिष्ठान को लौटा दिया था। श्रद्धालुुओं की संख्या में जिस प्रकार निरंतर बढ़ोतरी हो रही है हरकी पैड़ी के घाट छोटे पड़ने लगे हैं। 

तीन भवनों का किया गया था अधिग्रहण 
अर्द्धकुंभ मेला 2016 में हरकी पैड़ी विस्तारीकरण की योजना में पंजाब सरकार के कपूरथला हाउस, कांगड़ा नरेश के कांगड़ा मंदिर और उससे लगे बृज लॉज का अधिग्रहण कर लिया गया था। कांगड़ा मंदिर के वारिस ने मुआवजा लेने की दावेदारी भी प्रस्तुत कर दी थी। कपूरथला हाउस में रहने वालों में भी दावे प्रस्तुत कर दिए थे। कपूरथला हाउस के साथ महिला घाट का विस्तार करने के लिए सुलभ शौचालय को भी ध्वस्त कर दिया गया था। मेलाधिष्ठान की फाइलों दबी इस योजना को पुनर्जीवित किया जाना है। इसमें जहान्वी बाजार को भी सम्मिलित किया जा सकता है।  

कुंभ मेला 1998 में यह बनी थी योजना 
हरकी पैड़ी क्षेत्र में गंगा घाटों पर भिखारियों, लंगरों और  गंगा को प्रदूषित किए जाने की समस्या आज की नहीं है। 1997 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर तत्कालीन यूपी सरकार व जिला प्रशासन को आदेश दिए थे। इसके मद्देनजर कुंभ 1998 की योजना में गऊघाट में टिहरी नरेश के होटल रॉयल से सुभाषघाट, नाईघाट तक दुकानदार प्लेटफार्म पर अतिक्रमण न कर पाए इसके लिए दुकानों व मकानों, होटलों के आगे चार फीट तक आने जाने का रास्ता छोड़ कर लोहे के एंग्ल तथा पाइप लगाने की योजना थी। राजनीतिक विरोध के चलते मेला प्रशासन पीछे हट गया था। इस योजना पर फिर से विचार किया जा सकता है।  

 
काम में आएगी तेजी 
नगर मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह को उप मेलाधिकारी नियुक्त किए जाने के बाद हरकी पैड़ी क्षेत्र के विस्तारीकरण योजना के काम में तेजी आने की उम्मीद है। हाईकोर्ट केेेे आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के पूरा होने के बाद वह इस काम में लगेंगे। 

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