नेताओं पर भड़के शंकराचार्य, कहा हनुमान जी की जाति पर टिप्पणी करने वाले भुगतेंगे परिणाम
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देश में हनुमान की जाति पर मचे घमासान पर नेताओं को जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने बड़ी नसीहत दी है। उन्होंने सलाह दी है कि नेताओं को भगवान के अवतारों को जाति में बांटकर राजनीति या अपने को चमकाने के लिए अनाप शनाप बात नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा है यदि भगवान के नाम पर राजनीति करने की कोशिश की तो इसके नकारात्मक परिणाम भुगतने होंगे। मंगलवार को जगद्गुरु आश्रम में अमर उजाला से विशेष बातचीत करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि हनुमान की जाति को लेकर नेताओं में होड़ सी मच गई है।
कई राजनेता तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। कोई उन्हें अनुसूचित जाति, कोई जाट, मुस्लिम, ब्राह्मण, सिख जाति के होने की बात कर रहे हैं। हद तो यह हो गई कि हनुमान को चीनी यात्री ही बता दिया है।
उन्होंने कहा कि भगवान की कोई जाति ही नहीं होती और भगवान किसी के गर्भ से उत्पन्न नहीं होते, बल्कि वे भगवान का अवतार होते हैं और प्रकट होते हैं। भगवान का शरीर मलमूत्र, अस्थियों का नहीं होता, अपितु उनका शरीर नित शुद्ध चिन्मय होता है।
उन्होंने कहा कि हनुमान इस कलयुग में सशरीर विजमान हैं। इस प्रकार हनुमान पर की गई टिप्पणियां उन्हीं को घातक सिद्घ होंगी।