अब इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में देना होगा GST, फॉर्म भरते वक्त छात्र जरूर रखें इन बातों का ध्यान
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अब इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में छात्रों को GST देना होगा। इसके अलावा छात्रों को फॉर्म भरते इन बातों का जरूर ध्यान रखना होगा।
देशभर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस में पहली बार अभ्यर्थियों को अलग से टैक्स देना होगा।
अभी तक परीक्षा शुल्क के भीतर ही सर्विस चार्ज जुड़े होते थे, लेकिन इस बार अलग से गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) देय होगा। इसकी दर भी परीक्षा फॉर्म भरते वक्त ही बताई जाएगी। उधर, आईआईटी ने गत वर्ष के मुकाबले इस बार फीस में बढ़ोतरी भी कर दी है।
इस बार जेईई एडवांस 2018 का आयोजन आईआईटी कानपुर कराने जा रहा है। इसके लिए आईआईटी ने पोस्टर जारी किया है। पोस्टर में साफ किया गया है कि चाहे देश के अभ्यर्थी हों या विदेशी अभ्यर्थी, सभी के लिए जीएसटी देना अनिवार्य होगा।
परीक्षा शुल्क के हिसाब से जीएसटी की दरें शुल्क जमा करते वक्त ही पता चलेंगी। आईआईटी कानपुर के मुताबिक जीएसटी की यह दरें भारत सरकार द्वारा तय होंगी।
पहली बार परीक्षा सीबीटी पैटर्न पर होगी
अभी तक आईआईटी अपनी प्रवेश परीक्षा में जो शुल्क लेता था, उसमें सर्विस चार्ज आदि सभी जुड़े होते थे। अलग से अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था।
देशभर में जेईई एडवांस का आयोजन 20 मई 2018 को किया जाएगा। पहली बार यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) पैटर्न पर होगी। अभी तक यह परीक्षा ऑफलाइन होती थी।
परीक्षा शुल्क पर एक नजर
अभ्यर्थी - गत वर्ष शुल्क - नया शुल्क
महिला - 1200 रुपये - 1300 रुपये
एससी, एसटी, पीएच - 1200 रुपये - 1300 रुपये
सामान्य और ओबीसी - 2400 रुपये - 2600 रुपये
विदेशी नागरिक (सार्क देश) - 135 डॉलर - 160 डॉलर
(सभी अभ्यर्थियों को जीएसटी अलग से देना होगा)
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