कोरोना ने और बढ़ाया 40 प्लस का जुनून, साइकिल से हर दिन करते हैं 40 किलोमीटर पार
- लॉकडाउन के बाद तीर्थनगरी में युवाओं के साथ बड़ी उम्र के लोगों में भी बढ़ा साइकिल चलाने का क्रेज
- रोज करते हैं 40 से सौ किमी साइकिलिंग, नए ट्रैक भी चिह्नित किए
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कोरोना महामारी के दौर में लोगों की दिनचर्या में बदलाव आया है। वे सेहत को लेकर जागरूक हुए हैं। इसी का असर है कि तीर्थनगरी में साइकिल चलाने वालों की संख्या बढ़ गई है। ऋषिकेश साइकिल क्लब में 40 से अधिक आयु वालों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे कई लोग हैं प्रतिदिन कम से कम 40 किमी साइकिल चलाते हैं।
53 वर्षीय जितेंद्र बिष्ट शिक्षक हैं। लोग इन्हें एक स्पोर्ट्स पर्सन के तौर पर भी जानते हैं। इनकी देखरेख में तीर्थनगरी के सैकड़ों युवा बैडमिंटन, फुटबॉल और साइकिलिंग की ट्रेनिंग ले रहे हैं। बिष्ट ने ऋषिकेश साइकिल क्लब के रूप में एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है।
जिसमें अधिकतर लोग 40 साल से अधिक उम्र के हैं। इस क्लब के सदस्य प्रतिदिन 40 से अधिक किलोमीटर साइकिलिंग करते हैं। जबकि सप्ताह में एक दिन चिह्नित ट्रैक (सौ किमी से अधिक) कर लोगों को स्वस्थ रहने का संदेश देते हैं।
तीर्थनगरी से साइकिलिंग के लिए चिह्नित ट्रैक
- ऋषिकेश से चीला होते हुए वापस - 44 किमी
- ऋषिकेश से हरिद्वार, चीला होते हुए वापस - 52 किमी
- ऋषिकेश से नरेंद्रनगर, गुजराड़ा, रानीपोखरी होते हुए वापस - 45 किमी
- ऋषिकेश से भानियावाला कालूसिद्ध होते हुए वापस - 54 किमी
- ऋषिकेश से एयरपोर्ट थानो होते हुए वापस - 55 किमी
-ऋषिकेश से भानियावाला, नेपालीफार्म होते हुुए वापस - 56 किमी
- ऋषिकेश से शिवपुरी, मालाकुंटी होते हुए वापस - 54 किमी
शहर के 40 प्लस साइकिलिस्ट
जयेंद्र रमोला, नीरज शर्मा, ज्योति प्रकाश शर्मा, यशपाल चौहान, पंकज अरोड़ा, हरीश दरगन, दीपक नेगी, विपिन शर्मा, अशोक नेगी, मनोज रावत, मनीष मिश्रा, सरदार बुद्दा सिंह, राजेश सूद, महेश सती, सौरभ कुड़ियाल, नरेंद्र कुकरेजा, राजीव आनंद, सुनील प्रभाकर, भूषण रावल, अमित बाली, धीरज मखीजा, मनोज बत्रा, आशीष अग्रवाल, मयंक गुप्ता, अंकुर अग्रवाल, पुनीत गर्ग, पुनीत गुप्ता, पंकज चंदानी, लवीश अग्रवाल, राहुल छाबड़ा आदि।
नई साइकिल के लिए 30-45 दिन की वेटिंग
लॉकडाउन के बाद साइकिल का क्रेज इस कदर बढ़ा है कि ऋषिकेश में ही अच्छी साइकिलों के लिए 30 से 45 दिन की वेटिंग चल रही है। तीर्थनगरी के बड़े साइकिल विक्रेता रजत नारंग का कहना है कि पहले जहां प्रतिदिन 20 से 25 साइकिलें ही बिकती थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर प्रतिदिन 100 से 125 हो गई है। यहां 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की साइकिलें बिक रही हैं। बिना गियर वाली साइकिल चार से पांच हजार रुपये के बीच आ जाती है, जबकि इन दिनों सबसे अधिक डिमांड गियर वाली साइकिल की ज्यादा है। जिसकी कीमत आठ से 15 हजार रुपये के बीच है। दूसरे नंबर पर 20 से 50 हजार रुपये की साइकिल खरीदने वाले लोगों की संख्या है।
आपूर्ति नहीं कर पा रही कंपनियां
साइकिल विक्रेता रजत नारंग ने बताया कि मांग के अनुरूप साइकिल बनाने वाली कंपनियां डिमांड पूरी नहीं कर पा रही हैं। इसकी वजह लेबर की कमी और अचानक डिमांड बढ़ना है। कोरोनाकाल में लोग सेहत के प्रति जागरूक हुए हैं। स्वस्थ रहने के लिए उन्हें साइकिलिंग एक बेहतर जरिया मिला है।
साइकिल चलाने के फायदे
अगर आप हर रोज कुछ देर के लिए भी साइकिल चला रहे हैं तो दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है। इससे धड़कन तेज होती है और ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है। इसके अलावा पैरों की एक्सरसाइज हो जाती है और इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं। नियमित रूप से साइकिल चलाकर आप कुछ ही दिनों में वजन कम कर सकते हैं। - जितेंद्र बिष्ट, साइकिलिस्ट और स्पोर्ट्स टीचर