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'सिसकियों व आसुओं की कोई जाति नहीं होती'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 19 Nov 2013 06:45 PM IST
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उत्तराखंड के राज्यपाल डा. अजी़ज़ कुरैशी ने राजभवन के सभागार में डा. योगेन्द्रनाथ शर्मा अरुण की पुस्तक ‘कथाकार निशंक और जीवन मूल्य’ पुस्तक का विमोचन किया।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि इंसान की सिसकियों व आसुओं का कोई धर्म कोई जाति नहीं होती आम आदमी के दर्द एवं उनके आसुओं की गर्मी महसूस करने वाला ही सही मायने में साहित्यकार होता है।
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साहित्यकार जाति धर्म से उपर उठ कर पीड़ित मानवता की सेवा करता है। उन्हें ऐसे पात्र को ध्यान में रखना होगा जो भीड़ में आपसे टकराकर आपकी ओर देखता है तथा जिसका अपना कोई किरदार नहीं होता।
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साहित्यकारों को पहल करनी है
सोमवार को हुए इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि सपने देखना हर मनुष्य का अधिकार है समाज के किसी भी वर्ग, जाति, धर्म व समुदाय का व्यक्ति सपने देख सकता है। सपने देखना और उनको पूरा करने की जद्दोजहद मनुष्य का स्वभाव है। इन सपनों को साकार करने की भी पहल साहित्यकारों को करनी है।
साहित्यकार को निरपेक्ष भाव से समाज सेवा करनी होती है उसकी अपनी कोई विचार धारा नहीं होती है। उनकी कृति समाज की सम्पति होती है, ऐसे साहित्य को ही राष्ट्र व समाज समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि डा. निशंक की रचनाओं में सामाजिक, सांस्कृतिक व पर्वतीय जीवन मूल्यों के साथ ही मार्मिक संवेदनाओं व आत्मीयता की भावना का समावेश रहा है।
पुस्तक के लेखक डा0 योगेन्द्र नाथ अरुण ने कहा कि संवेदनायें ही साहित्कार को जीवित रखती है। जीवन मूल्यों के सार्थक और सजीव चित्रण से ही उसकी रचना कालजयी हो पाती है उन्होंने कहा है कि डा निशंक जीवन मूल्यों को साथ लेकर चले हैं।
आभार व्यक्त किया
इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने राज्यपाल एवं पुस्तक के लेखक व प्रकाशकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विधायक गणेश जोशी, सूचना आयुक्त विनोद नौटियाल, प्रभात डबराल, विभागाध्यक्ष हिन्दी डी.ए.वी पीजी कालेज डा पुष्पा खण्डुरी, डा नागेन्द्र घ्यानी, डा एम आर सकलानी ,गोपाल नारसन सहित अनेक कवि व साहित्यकार आदि उपस्थित थे।
राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी कि हिन्दी जगत के प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकारों महादेवी वर्मा व सुमित्रानन्दन पंत ने जिन स्थानों पर साहित्य की रचना की, उनके पुनरूद्धार के साथ ही उन स्थानों पर अन्तरराष्ट्रीय स्तर के गेस्ट हाउस एवं शोध संस्थान की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि इन स्थलों की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए इस संबंध में राज्य सरकार एवं भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिले
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मंगलवार को पूर्वान्ह राज्यपाल डॉ0 अजीज कुरैशी से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर उनसे चर्चा की।
इसके अतिरिक्त राज्यपाल से उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नरेन्द्र जीत सिंह बिन्द्रा, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति डा0 सुरेन्द्र कुमार एवं कुल सचिव ए.के.चौपड़ा द्वारा शिष्टाचार भेंट की गई है।