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उत्तराखंड में 40 हजार को मिलेगी सरकारी नौकरी
ब्यूरो / अमर उजाला, सोमेश्वर (अल्मोड़ा)
Updated Mon, 29 Feb 2016 03:55 PM IST
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यहां कहा कि सरकारी विभागों में इस वर्ष 40 हजार पदों पर युवाओं को नियुक्ति दी जाएगी।
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नए वित्त वर्ष में प्रदेश में पांच सौ सड़कों का निर्माण होगा। उन्होंने रविवार को सोमेश्वर विधानसभा में सौ बेड का अस्पताल खोलने समेत करीब 77.56 करोड़ लागत की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
यहां आयोजित सभा में सीएम ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश तेजी से तरक्की कर रहा है। राज्य में प्रति व्यक्ति औसत आय में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि वन अधिनियम के चलते कई मंजूर सड़कें सालों तक नहीं बन पाती थी। सरकार ने इसका भी तरीका निकाल लिया है और गांवों को सड़कों से जोड़ा जा रहा है।
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समाज कल्याण द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं में शामिल लाभार्थियों की संख्या साढ़े छह लाख से अधिक पहुंच गई है। कुछ अन्य लोगों को भी पेंशन के दायरे में लाया गया है। जल्द ही यह संख्या सात लाख से अधिक पहुंच जाएगी। रावत ने कहा कि गांवों के विकास के बगैर प्रदेश की तरक्की नहीं हो सकती है।
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इसे ही ध्यान में रखकर सरकार ने विकास योजनाओं में गांव, महिला, शिल्पकार, कमजोर तबकों, बेरोजगारों आदि को केंद्र में रखा है। उन्होंने लोगों ने अपने बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 500 मॉडल स्कूलों की स्थापना की जा रही है।
प्रदेश का कोई भी स्कूल अब शिक्षक विहीन नहीं है। परिवहन निगम को 400 नई बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। विधायक रेखा आर्या ने क्षेत्र की कई समस्याएं सीएम के सामने उठाई तो सीएम ने 2.5 किमी तक की सभी सड़कों को मंजूरी देने के साथ ही अन्य मांगों को भी पूरा करने की घोषणा की।
नानीसार में हुए विरोध से आहत दिखे सीएम
सरकार द्वारा जिंदल ग्रुप को नानीसार में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कूल खोलने के लिए भूमि आवंटन के बाद हुए विरोध से मुख्यमंत्री काफी आहत दिखे। उन्होंने कहा कि सरकार निजी पूंजी निवेश के जरिये पर्वतीय क्षेत्र में बेहतर संस्थान खोलना चाहती है। इसी योजना के तहत अल्मोड़ा में तकनीकी विश्वविद्यालय खोलने की योजना थी, लेकिन विरोध को देखते हुए सरकार को फिलहाल कदम पीछे हटाने पड़े हैं।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में सीएम ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में बेहतर शिक्षण संस्थान की स्थापना को सरकार ने नानीसार में बंजर भूमि आवंटित की है। वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्कूल खुल जाने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ेंगी। रावत ने कहा कि दो साल के भीतर नानीसार ग्राम विकास के लिए मॉडल बनेगा। लोकतंत्र में विरोध का हक सभी को है, लेकिन बगैर तथ्यों और वास्तविकता को समझे बिना किए जाने वाले विरोध से विकास की गति प्रभावित होती है।
सीएम ने कहा कि विकास के लिए पूंजी की जरूरत होती है। राज्य के विकास कार्यों में पूंजी खर्च करने वाले पूंजीपतियों को सरकार हर संभव सहयोग करेगी। निजी पूंजी निवेश के जरिये प्रदेश में छह स्थानों पर इंडस्ट्रीयल स्टेट, 25 फूड एंड क्राफ्ट सराय बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पूंजी निवेश करने के इच्छुक स्थानीय लोगों को भी सरकार प्रोत्साहित करेगी।
इस बारे में प्रस्ताव मिलने पर डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी को उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नानीसार में हुए विरोध से आहत सीएम ने कहा कि यदि अल्मोड़ा में विरोध नहीं होता तो अब तक तकनीकी विश्वविद्यालय स्थापना का काम काफी आगे बढ़ चुका होता। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में स्थापित होने वाला आवासीय विश्वविद्यालय जल्द ही मूर्त रूप लेगा।