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'उत्तराखंड वापस आकर बड़ी गलती की...'
देहरादून/ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2013 08:58 AM IST
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‘मैंने बेटे को चंडीगढ़ से उत्तराखंड वापस लाकर बड़ी गलती की। वहां सरकार खिलाड़ियों की बहुत मदद करती है, यहां तो कोई पूछता भी नहीं।’ यह कहते-कहते प्रमोद थापा के चेहरे पर बेटे के भविष्य की चिंता और सरकारी उपेक्षा का दर्द उभर आया।
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काठमांडू में अंडर-16 सैफ फुटबाल चैंपियनशिप जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल खिलाड़ी अनिरुद्ध थापा को राज्य सरकार से सम्मान तो दूर अब तक बधाई भी नसीब नहीं हुई है।
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ओएनजीसी फ्रंटियर बेसिन में तैनात प्रमोद थापा के बेटे अनिरुद्ध थापा ने सेंट जोजेफ्स एकेडमी में पढ़ाई के दौरान फुटबाल खेलना शुरू किया। फुटबाल कोच वीएस रौतेला ने तीसरी के छात्र अनिरुद्ध को इसके लिए प्रेरित किया था। एक साल बाद ही सब जूनियर टूर्नामेंट में अनिरुद्ध ने खेल का जलवा बिखेरा।
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प्रमोद ने बताया कि विंटर कैंप के दौरान फुटबाल कोच रतन थापा ने अनिरुद्ध को किसी अच्छी एकेडमी में भेजने की सलाह दी। वर्ष 2005-06 में पहली कोशिश में ही सेंट स्टीफन फुटबाल एकेडमी चंडीगढ़ में अनिरुद्ध का चयन हो गया। छह साल तक वहां प्रशिक्षण के दौरान अनिरुद्ध ने चार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। इसके बाद प्रमोद उसे घर लौटा लाए। वर्ष 2012 में अनिरुद्ध आल इंडिया फुटबाल फेडरेशन एकेडमी के लिए भी चुन लिया गया।
भारतीय टीम में शामिल हुआ
इसके बाद वह अंडर-16 सैफ फुटबाल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में शामिल हुआ। इन दिनों 13 वर्षीय अनिरुद्ध एएफसी कप के लिए कोलकाता में तैयारी कर रहा है। यह चैंपियनशिप कतर में होनी है। अनिरुद्ध के पिता प्रमोद थापा बताते हैं कि चंडीगढ़ सरकार ने अनिरुद्ध को बेहतरीन खेल पर कई बार नकद पुरस्कार दिए। लेकिन अपने राज्य में उपेक्षा से वह आहत हैं।
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