फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Government hospitals of Jaunsar Bawar and Pachhwadun

Dehradun News: सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों और संसाधनों का अकाल, मरीज बेहाल

Wed, 25 Oct 2023 11:54 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 25 Oct 2023 11:54 PM IST
विज्ञापन
Government hospitals of Jaunsar Bawar and Pachhwadun

विज्ञापन



Iमेडिकल अफसर से लिया जा रहा है विशेषज्ञ चिकित्सकों का कामI



जौनसार बावर और पछवादून क्षेत्र के सरकारी अस्पताल विशेषज्ञ चिकित्सकों और चिकित्सा संसाधनों के अभाव के चलते स्वयं वेंटिलेटर पर चल रहे हैं। मरीजों को इमरजेंसी ही नहीं ओपीडी सुविधा के लिए रेफर किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का काम मेडिकल अफसर से लिया जा रहा है। मरीजों को ऑपरेशन और गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन के लिए विकासनगर और देहरादून जाना पड़ता है। मरीजों और घायलों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए बनाए गए सरकारी अस्पताल महज क्रंक्रीट के ढांचे बनकर रह गए हैं।





Iप्रभारी चिकित्साधिकारी और मेडिकल अफसर के भरोसे सीएचसी साहियाI

सीएचसी साहिया में रोजाना की ओपीडी करीब 100 के करीब है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के नौ पद खाली है। अस्पताल प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विक्रम सिंह और मेडिकल अफसरों के भरोसे चल रहा है।
विज्ञापन


सर्जन न होने के चलते ऑपरेशन के मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन के लिए रेफर कर दिया जाता है। वहीं नाक, कान, गले, हड्डी, आंखों, दांतों और बाल मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए हायर सेंटर रेफर किया जाता है। अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा न होने के चलते ऑपरेशन के मरीजों और गर्भवती महिलाओं को उप जिला अस्पताल विकासनगर जाना पड़ता है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों और अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए शासन को मांग भेजी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन






Iचकराता में महिलाओं को नहीं मिलता उपचारI

सीएचसी चकराता की दैनिक ओपीडी 90 से 100 के बीच है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के 10 पदों में से तीन पद खाली है। अस्पताल में चिकित्सा प्रभारी तक की तैनाती नहीं हो पाई है।

सीएचसी साहिया के प्रभारी चिकित्सा को अस्पताल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं है। वहीं सर्जन का पद खाली है। महिलाओं को ओपीडी में दिखाने के लिए विकासनगर आना पड़ता है। यहां अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा भी नहीं है। उप जिला अस्पताल विकासनगर में स्त्री एवं प्रसूति रोग ओपीडी में सबसे अधिक संख्या चकराता, साहिया और त्यूणी क्षेत्र की महिलाओं की होती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए शासन को मांग भेजी गई है।





Iसेलाकुई में छुट्टी पर प्रभारी चिकित्साधिकारीI



प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक ओपीडी करीब 80 से 90 के बीच है। यहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. उमा लंबे समय से अवकाश पर चल रही हैं। उनकी प्रभार डॉ. ऋचा संभाल रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार उपचार दिया जाता है। विशेषज्ञ परामर्श, गंभीर बीमारी और घायल मरीजों को प्रेमनगर और देहरादून स्थित हायर सेंटर रेफर किया जाता है।

I
I

Iसहसपुर में नहीं अल्ट्रासाउंड, न घायल को उपचारI



सीएससी में विशेषज्ञ चिकित्सकों के आठ पद हैं। अस्पताल में हड्डी व अस्थि रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजस्ट नहीं है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए विकासनगर और देहरादून जाना पड़ता है। वहीं दून पांवटा राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती है। दुर्घटनाओं में मरीज की हड्डी में फ्रेक्चर या डिस्लोकेशन होने पर उनको हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल से रोजाना 10 से 15 केस रेफर किए जाते हैं। अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन सिंह डोगरा ने बताया कि अस्पताल में आर्थों सर्जन और रेडियोलॉजिस्ट के लिए शासन को मांग भेजी गई है।






Iविकासनगर में फिजिशियन नहीं, मेडिकल अफसरों का भी टोटाI



जौनसार बावर क्षेत्र और पछवादून से मरीज उपचार के लिए उप जिला अस्पताल में विकासनगर आते हैं। यहां की दैनिक ओपीडी 500 से 600 के बीच है। उप जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ और मेडिकल अफसर मिलकर सामान्य चिकित्सा की ओपीडी संभाल रहे हैं। यहां फिजिशियन का पद लंबे समय से खाली पड़ा है। अस्पताल में आठ मेडिकल अफसर के पद रिक्त हैं। इसके चलते विशेषज्ञों चिकित्सकों को इमरजेंसी ड्यूटी करनी पड़ी रही है। रात को विशेषज्ञ चिकित्सक की इमरजेंसी ड्यूटी होने पर सुबह ओपीडी सेवाएं प्रभावित होती है। वहीं मेडिकल अफसरों की कमी के चलते इमरजेंसी सेवा के संचालन में दिक्कत होती है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय सिंह ने बताया कि फिजिशियन और मेडिकल अफसरों के लिए शासन को मांग भेजी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed