पिथौरागढ़: स्कूल की चहारदीवारी के साथ खाई में गिरी बच्चियां, बुरी तरह हुई चोटिल
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तहसील मुख्यालय से 50 किमी दूर बुंगबुंग के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी ढह गई। हादसे के वक्त वहां खेल रहीं दो बच्चियां चहारदीवारी के साथ ही 60 फीट खाई में गिर गईं। इससे दोनों बुरी तरह से चोटिल हो गईं। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। गुरुवार को बुंगबुंग निवासी बबीता (13) पुत्री धन सिंह बिष्ट, यक्षिता (3) पुत्री जीवन सिंह अन्य बच्चों के साथ सुबह करीब 11 बजे स्कूल के मैदान में खेल रहीं थीं। इसी दौरान स्कूल की चहारदीवारी ढह गई।
चहारदीवारी के साथ बच्चियां भी करीब 60 फीट खाई में जा गिरीं। लोगों ने दोनों बच्चियों को खाई से निकाला और उनका घरेलू उपचार कराया। शुक्रवार को दोनों बच्चियों को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धारचूला लेकर आए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। डॉ. फुरकान ने बताया कि दोनों बच्चियों के सिर, आंख और पैर में चोट लगी है। घायल छात्रा बबीता जूनियर हाईस्कूल में 8वीं में पढ़ती है। यक्षिता आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती है। यक्षिता की मां विमला देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।
वक्त पर दुरुस्त कर दी होती दीवार तो न होता हादसा
बुंगसुंग की ग्राम प्रधान गीता देवी और पूर्व प्रधान राजेंद्र नबियाल ने बताया कि जून 2018 की बरसात में विद्यालय की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से दीवार लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। कई बार मरम्मत की मांग करने के बाद भी चहारदीवारी को दुरुस्त नहीं किया गया। इस लापरवाही का खामियाजा बच्चियों को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि चहारदीवारी की मरम्मत नहीं हुई तो और हादसे हो सकते हैं। ग्राम प्रधान गीता देवी और पूर्व प्रधान राजेंद्र नबियाल ने उपजिलाधिकारी को पत्र देकर दोनों बच्चियों के इलाज में मदद की गुहार भी लगाई है।
प्राथमिक विद्यालय में ही चलता जूनियर हाईस्कूल
जूनियर हाईस्कूल सिमखोला का भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण इस स्कूल की कक्षाएं भी प्राथमिक विद्यालय बुंगबुंग में संचालित होती हैं। गांव का आंगनबाड़ी केंद्र भी इसी विद्यालय में चलता है। जूनियर में 10, प्राथमिक पाठशाला में 25 बच्चे पढ़ते हैं।