फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   girl clicking photo, fell into river Alaknanda

पढ़िए, कैसे युवती को मौत के करीब ले आया फोटो खिंचवाने का क्रेज

Fri, 13 Jan 2017 08:57 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Fri, 13 Jan 2017 08:57 PM IST
विज्ञापन
girl clicking photo, fell into river Alaknanda
girl fell into river - फोटो : amar ujala

अपने साथियों के साथ रुद्रप्रयाग घूमने आई एक युवती कोटेश्वर मंदिर के समीप पैर फिसल जाने से अलकनंदा नदी में बह गई। सूचना पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा।

विज्ञापन


नदी में काफी खोजबीन के बाद भी देर शाम तक युवती का पता नहीं चल सका। पौड़ी से शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे नौ सदस्यीय ट्यूशन ग्रुप रुद्रप्रयाग घूमने पहुंचा। ग्रुप के सभी सदस्य मुख्य बाजार से होते हुए कोटेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद गुफा की तरफ गए और वहां से अलकनंदा नदी किनारे पहुंचे।
विज्ञापन


यहां ये लोग कैमरे और मोबाइल से फोटो खींच रहे थे, तभी ग्रुप की एक सदस्य आशना भंडारी (18) पुत्री आलोक भंडारी, निवासी पुलिस लाइन, पौड़ी का अचानक पैर फिसल गया और वह नदी में जा गिरी। साथियों के चीख-पुकार पर मंदिर में मौजूद अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


युवती को बचाने की हरसंभव कोशिश की गई, लेकिन वह, नदी के तेज बहाव में बह गई। सूचना पर पुलिस व रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें भी कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस के देर शाम तक रेस्क्यू अभियान चलाने के बाद भी देर शाम तक युवती का पता नहीं चल पाया।

सेना के गोताखोरों की भी मदद ली जाएगी

girl clicking photo, fell into river Alaknanda
student - फोटो : file photo

कोतवाली प्रभारी डीएस पंवार ने बताया कि घटना क्षेत्र राजस्व पुलिस के अधीन है, लेकिन, युवती की खोजबीन के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। रविवार को सेना के गोताखोरों की भी मदद ली जाएगी। हरिद्वार से भी गोताखोर बुलाए जाएंगे। बता दें कि कोटेश्वर में अलकनंदा नदी का स्पान 100 मीटर से भी अधिक होने के साथ तेज भंवर हैं।

सुरक्षा के नहीं इंतजाम
जिला मुख्यालय से करीब पांच किमी की दूरी पर स्थित कोटेश्वर में गुफा और अलकनंदा नदी में बमुश्किल तीन मीटर की दूरी है। यहां पर सावन माह में प्रत्येक सोमवार को हजारों की संख्या में शिव भक्त पहुंचते हैं, वहीं अन्य महीनों में भी निरंतर श्रद्धालु मंदिर में दर्शनों को पहुंचते हैं। इसके बाद भी यहां पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। 

लगातार हो रही बहने की घटनाएं
मंदाकिनी और अलकनंदा नदी में पिछले दो वर्षो में युवा/युवतियों के बहने की छह घटनाएं हो चुकी हैं। 2015 में संगम पर अंत्येष्टि में शामिल होने पहुंचे मामा-भांजा की बहने से मौत हो गई थी। पिछले वर्ष होली में जवाड़ी बाईपास के पास नदी में नहाने गया युवक बह गया था। बीते वर्ष सितंबर में कोटेश्वर में दो युवक नहाते समय बह गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed