{"_id":"6052624f8ebc3e8d2b2dc683","slug":"ganges-guards-will-make-ganga-and-tributaries-clean-city-news-drn373959645","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा व सहायक नदियों को स्वच्छ बनाएंगे गंगा प्रहरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा व सहायक नदियों को स्वच्छ बनाएंगे गंगा प्रहरी
विज्ञापन
गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ और निर्मल बनाने के साथ ही जलीय जंतुओं के संरक्षण के लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) व भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञ गंगा प्रहरियों को विशेष प्रशिक्षण दे रहे हैं।
नोडल अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रुचि बड़ोला ने बताया कि गंगा जैव विविधता संरक्षण कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश के चुनिंदा गंगा प्रहरियों को संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गंगा प्रहरियों को तमाम योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही नदियों की जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञों द्वारा गंगा व उसकी सहायक नदियों के किनारे अधिक से अधिक पौधरोपण करने के साथ ही नदियों के किनारे बसे गांवों में शौचालयों के निर्माण को लेकर भी जागरूक किया जा रहा है। डॉ. रुचि बड़ोला ने बताया कि जिन गंगा प्रहरियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है वे देश के बाकी 1900 गंगा प्रहरियों को प्रशिक्षित करेंगे।
दूसरी ओर भारतीय वन्यजीव संस्थान में जुटे छह राज्यों के गंगा प्रहरियों को नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने वर्चुअल संबोधित किया। राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि गंगा, यमुना समेत देश की तमाम नदियों को सिर्फ केंद्र व राज्य सरकारों के स्तर पर साफ, सुथरा एवं निर्मल नहीं बनाया जा सकता है। यदि नदियों को संरक्षित करना है तो देश के हर एक व्यक्ति को जागरूक होना होगा। कहा कि गंगा बेसिन में पूरे देश की कुल 40 करोड़ आबादी निवास करती है और इन 40 करोड़ लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे गंगा के संरक्षण के लिए आगे आएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोडल अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रुचि बड़ोला ने बताया कि गंगा जैव विविधता संरक्षण कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश के चुनिंदा गंगा प्रहरियों को संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गंगा प्रहरियों को तमाम योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही नदियों की जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञों द्वारा गंगा व उसकी सहायक नदियों के किनारे अधिक से अधिक पौधरोपण करने के साथ ही नदियों के किनारे बसे गांवों में शौचालयों के निर्माण को लेकर भी जागरूक किया जा रहा है। डॉ. रुचि बड़ोला ने बताया कि जिन गंगा प्रहरियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है वे देश के बाकी 1900 गंगा प्रहरियों को प्रशिक्षित करेंगे।
विज्ञापन
दूसरी ओर भारतीय वन्यजीव संस्थान में जुटे छह राज्यों के गंगा प्रहरियों को नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने वर्चुअल संबोधित किया। राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि गंगा, यमुना समेत देश की तमाम नदियों को सिर्फ केंद्र व राज्य सरकारों के स्तर पर साफ, सुथरा एवं निर्मल नहीं बनाया जा सकता है। यदि नदियों को संरक्षित करना है तो देश के हर एक व्यक्ति को जागरूक होना होगा। कहा कि गंगा बेसिन में पूरे देश की कुल 40 करोड़ आबादी निवास करती है और इन 40 करोड़ लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे गंगा के संरक्षण के लिए आगे आएं।
विज्ञापन