ऋषिकेश तक हुआ सुधार, अब कुंभ तक हरिद्वार में भी आचमन लायक हो जाएगी गंगा: शेखावत
- पांच साल के अथक प्रयास से बिगड़ी हालत को सुधारने को जारी है काम
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ऋषिकेश तक गंगा आचमन के लायक हो गई है। 2021 के कुंभ तक हरिद्वार में भी गंगा का पानी इतना साफ हो जाएगा कि श्रद्धालु आचमन कर सकेंगे।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह बात सराय में एसटीपी के लोकार्पण के बाद मीडिया से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य विजन में गंगा को साफ करना है।
पीएम के प्रयासों से नमामि गंगे के तहत गंगा में गिर रहे गंदे नालों को रोकने का काम किया गया। गंगा के किनारे स्नान और मोक्ष घाटों का बड़े स्तर पर निर्माण हुआ। उन्होंने कहा इसी का परिणाम है कि ऋषिकेश तक गंगा आचमन लायक हो गई है और अब पूरा प्रयास है कि कुंभ-2021 तक हरिद्वार तक भी आचमन के लिए गंगाजल निर्मल हो जाएगा।
यूरोपीय देशों में जल शोधन की आधुनिक तकनीकी है
उन्होंने कहा कि इसके अलावा सीवर ट्रीटमेंट कर उसके पानी को फसलों एवं अन्य कार्यों के लिए तैयार करने का बड़े स्तर पर काम किया और इसमें सफलता भी मिली है। उन्होंने बताया कि यूरोपीय देशों में जल शोधन की आधुनिक तकनीकी है, उनके साथ मिलकर अपने देश में भी काम किया जा रहा है।
धरातल पर जाकर देखो मिल जाएंगे पौधे
नमामि गंगे के बजट से पर्यावरण संरक्षण के लिए 60 करोड़ के 50 लाख पौधे लगाए जाने के सवाल पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पहले तो चौंक गए, लेकिन फिर बोले कि सवाल करने से बेहतर है कि जब धरातल पर जाओगे तो पौधे मिल जाएंगे।
चंडी घाट के निर्माण में अनियमितता सामने आने के सवाल पर बोले कि निर्माण कंपनी सात साल तक मरम्मत करने का काम करेगी। उन्होंने नमामि गंगे योजना के गंगा के घाटों के सफाई कार्य पर जांच शुरू होने की बात कही।