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उत्तराखंड: देवभूमि से लेकर पश्चिम बंगाल तक गंगा में शवों को फेंके जाने पर नजर रखेंगे गंगा प्रहरी

Thu, 10 Jun 2021 02:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 10 Jun 2021 02:00 AM IST
सार

नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत अब गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में अब गंगा प्रहरी गंगा में डाले जाने वाले शवों पर निगरानी करेंगे।

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Ganga Prahari will keep an eye on dumping dead bodies into Ganga from Uttarakhand to West Bengal
गंगा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उतराखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ ही अन्य शवों को गंगा नदी में फेंके जाने पर अब  गंगा प्रहरी भी नजर रखेंगे। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा यानी एनएमसीजी के तहत गंगा नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहे गंगा प्रहरियों से अनुरोध किया गया है कि वे गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने को लेकर संचालित किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ही नदी में शवों को फेंके जाने पर भी नजर रखें। साथ ही लोगों को इस बात के लिए जागरूक करें कि वे ऐसा ना करें।

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भारतीय वन्यजीव संस्थान में वरिष्ठ वैज्ञानिक व नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा की नोडल अधिकारी डॉ रुचि बड़ोला ने बताया कि वैसे तो उत्तराखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक गंगा नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने को लेकर तमाम कार्यक्रमों को संचालित किया जा रहा है।
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गंगा प्रहरियों के जरिए नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को इस बात की जानकारी दी जा रही है कि आखिरकार वे नदी को साफ सुथरा बनाने में अपने स्तर पर कैसे योगदान दे सकते हैं। वही गंगा प्रहरियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे नदी में मृतकों के शव को फेंके जाने पर भी पैनी नजर रखें। साथ ही लोगों को ऐसा ना करने के प्रति जागरूक करें।

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2500 से अधिक गंगा प्रहरी हैं प्रदेश में

प्रदेश में वर्तमान में 2500 से अधिक गंगा प्रहरी हैं। इनके पास गंगा की स्वच्छता की निगरानी और जागरूकता की जिम्मेदारी है। वर्तमान में ये गंगा में फूल, कटे पेड़-पौधे, कूड़ा-कचरा और निर्माण सामग्री डाले जाने से रोकने और निगरानी के साथ प्रशासन को रिपोर्ट देने के काम हैं। साथ ही इन पर तटीय इलाकों में बसे लोगों को जागरूक करने का भी काम है। 

विश्वबैंक की ओर से मिला था 4535 करोड़ का बजट
नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत विश्व बैंक की तरफ से बड़े पैमाने पर बजट मुहैया कराया जा रहा है। दिसंबर 2021 तक विश्व बैंक की ओर से 4535 करोड़ का बजट आवंटित किया जा चुका है। इतना ही नहीं, नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत 25000 करोड़ रुपये की लागत वाली 313 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी हैं।

यूपी-बिहार में मिले थे गंगा में शव फेंके जाने के मामले
पिछले दिनों उतर प्रदेश, झारखंड, बिहार समेत कई राज्यों में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के बाद शवों का  गंगा में फेंके जाने का मामला उजागर हुआ था। इसके बाद से गंगा की स्वच्छता को लेकर सरकारें सक्रिय हुई और अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी के आदेश दिए थे। 

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