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गांधी जयंती 2018: बापू के पहुंचने पर यहां पहली बार महिलाएं जुलूस और सभा में हुईं थीं शामिल

Tue, 02 Oct 2018 12:36 PM IST
श्याम मिश्रा/अमर उजाला, नैनीताल
श्याम मिश्रा/अमर उजाला, नैनीताल Updated Tue, 02 Oct 2018 12:36 PM IST
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Gandhi jayanti 2018 First time women participated in julius during bapu nainital visit 
gandhi ji

महात्मा गांधी की 1929 की नैनीताल यात्रा यादगार है। प्रो. जीएल साह बताते हैं कि गांधी जी वर्ष 1929 में सरोवर नगरी आए थे। उन्होंने दो बार कुमाऊं की यात्रा की। पहली यात्रा 13 जून 1929 को बरेली से हल्द्वानी।

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14 जून को वह नैनीताल पहुंचे और 15 जून को उन्होंने नैनीताल में एक भव्य सभा को संबोधित किया। महात्मा गांधी के आगमन पर पहली बार महिलाएं जुलूस और सभा में शामिल हुईं।
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उस दौरान पहली बार ब्रिटिश सरकार ने नैनीताल के माल रोड पर राजनीतिक जुलूस निकालने की अनुमति दी। इसके बाद वह भवाली पहुंचे। यहां गांधी जी ने सभा को संबोधित किया। इस सभा में उन्होंने पहली बार 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन का संकेत दिया। 
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भवाली की सभा में आचार्य कृपलानी और जवाहर लाल नेहरू ने अपने विचार व्यक्त किए थे। रात्रि विश्राम के लिए महात्मा गांधी पत्नी कस्तूरबा गांधी और अपने बेटे देवदास गांधी के साथ ताकुला (नैनीताल) में रुके।

स्थानीय लोगों ने उनका बहुत गर्मजोशी के साथ स्वागत किया

उनके साथ जवाहर लाल नेहरू, जमनालाल बजाज, मीरा बहन, जमशेद टम्टा, उनके सचिव प्यारे लाल, आचार्य कृपलानी और सुचेता कृपलानी भी थे। स्थानीय लोगों ने उनका बहुत गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान गांधी जी गोविंद लाल साह के ताकुला स्थित मोती भवन में रहे।

गांधी जी के व्याख्यान से प्रभावित होकर अनेक महिलाओं ने तब आजादी के आंदोलन के लिए अपने जेवर उतार कर उनके चरणों में रख दिए थे। गांधी जी ने उस दौरान यहां एक भवन की आधारशिला भी रखी थी, जिसे बाद में गांधी मंदिर कहा जाने लगा।

कई लेख और शोध पत्रों में कहा गया है कि इस भवन को 1935 या इसके आसपास या देश की आजादी के बाद काफी देर में गांधी मंदिर नाम दिया गया, पर गोविंद लाल साह के नाती और नैनीताल समाचार के संपादक राजीव लोचन साह इस बात को तथ्यहीन मानते हैं और कहते हैं कि जब 1929 में गांधी जी ने अपनी नैनीताल यात्रा के दौरान इस भवन का शिलान्यास किया था, तभी से इसे गांधी मंदिर कहा जाने लगा था। यह एक ऐसा स्थान था जहां एकत्र होकर आजादी के दीवाने योजनाएं बनाया करते थे। 
 
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