क्यों बोले गडकरी? उमा जी आपको मंत्रालय नहीं छोड़ना पड़ेगा!
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बृहस्पतिवार को हरिद्वार में नमामि गंगे के तहत 250 करोड़ की 43 योजनाओं के शिलान्यास के दौरान उमा भारती ने कुछ ऐसा कहा कि गडकरी को उन्हें आश्वस्त करना पड़ा।
तीन दिन पहले कैबिनेट में फेरबदल और कई मंत्रियों की छुट्टी होने के बाद केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती नमामि गंगे योजना के शुभारंभ मौके पर कुछ अलग ही अंदाज में नजर आई। उन्होंने कभी तो अपने आप को बुद्धू कहा कभी ना समझ कहते हुए गंगा की सेवा करने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान उमा भारती ने कह दिया कि अगर मंत्री रही तो अक्तूबर के बाद में जैसे ही नमामि गंगे का असर दिखने लगेगा गोमुख से गंगा सागर तक की पदयात्रा करेंगी।
मंत्री रहते हुए भी करूंगी पदयात्रा और बिना मंत्री के भी: उमा
उन्होंने नितिन गड़करी से निवेदन किया कि अगर आप कहेंगे की मंत्री पद पर रहकर पदयात्रा करेंगी, तो वह मंत्री रहकर भी पदयात्रा को तैयार है और बिना मंत्री के भी। उन्होंने कहा कि वह हफ्ते में दिन तीन पदयात्रा करेंगी।
गंगा किनारे गांव-गांव पैदल चलूंगी। इस योजना को खर्च होने वाले 1500 करोड़ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गंगा के लिए दान-दक्षिणा बताई। उदाहरण देते हुए कहा कि पहले कन्नौज के राजा कुंभ में अपनी राज्य की राशि को दान कर देते थे।
उन्होंने कहा कि गंगा रक्षा का काम सरकार का ही नहीं है। गंगा की रक्षा की जिम्मेदारी हर भक्त और नागरिक की है। उमा भारती के संबोधन के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने आश्वस्त किया है कि उन्हें मंत्रालय नहीं छोड़ना पड़ेगा। मंत्री रहते हुए गंगा के लिए सभी कार्य पूरे करें।
Published By: Vivek Singh