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उत्तराखंड में लगातार दूसरे साल मानसून की 'मार'

Wed, 09 Sep 2015 01:07 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 09 Sep 2015 01:07 PM IST
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from past two years monsoon weak in uttarakhand.

उत्तराखंड में मानसून की कमजोरी लगातार दूसरे साल देखने को मिली है। वर्ष 2013 के बाद से मानसून कमजोर हो चला है।

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मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल भी मानसून समाप्ति की घोषणा के बाद बारिश का ग्राफ सामान्य (1022.1 मिमी) से काफी नीचे रहने वाला है। प्रदेश में वर्ष 2010 के बाद लगातार चार साल तक जमकर मानसून बरसा।

हालांकि इससे नुकसान भी कई हुए, लेकिन फसलों और जलस्तर के लिहाज से यह बेहतर साबित हुआ। बीते दो साल से मानसून लगातार कमजोर नजर आ रहा है। हालांकि बारिश लगातार हुई लेकिन सामान्य बारिश के 1022.1 मिमी के आंकड़े से काफी नीचे रही।
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वर्ष 2010 में प्रदेश में 1167.7 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2011 में 1282.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। जबकि बीते दो साल में यह घटकर 700 से 900 मिमी के बीच रह गई। हालांकि मौसम विज्ञानी इसे अभी ज्यादा चिंता की बात नहीं मान रहे हैं, लेकिन जिस तरह से सितंबर शुरू होते ही मानसून कमजोर पड़ा है, वह फसलों के लिहाज से नुकसानदायक साबित हो सकता है।

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मानसून की विदाई शुरू

from past two years monsoon weak in uttarakhand.

वैसे तो मौसम विभाग की ओर से 30 सितंबर तक मानसून रहने का अनुमान रहता है लेकिन इस साल सितंबर शुरू होते ही मानसून कमजोर पड़ने लगा है।

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक, आगामी पांच दिन तक कहीं भी अच्छी बारिश के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि 13 सितंबर के आसपास कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सितंबर के तीसरे सप्ताह में मानसून विदा हो सकता है।

फसलों के लिए पैदा हो सकती है समस्या
मानसून के अंतिम समय में कमजोर होने पर फसलों के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। प्रदेश में इस समय धान, गन्ना और मक्का सहित कई फसलों की बुवाई चल रही है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे समय में अगर मानसून ने मुंह मोड़ा तो फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

बारिश पर एक नजर (जून, जुलाई, अगस्त तक)
वर्ष - बारिश (मिमी)
2010 - 1167.7
2011 - 1282.5
2012 - 899
2013 - 1261.5
2014 - 789.8
2015 - 829

सितंबर शुरू होने के साथ ही मानसून में कमजोरी आनी शुरू हो गई है। आगामी चार-पांच दिन तक प्रदेश में कहीं भी अच्छी बारिश के आसार नहीं हैं। केवल कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। सितंबर में ज्यादातर दिन मानसून कमजोर होता जाएगा।
- बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम विभाग

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