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पढ़ाई के बाद गेट से चढ़कर घर जाने की मजबूरी
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शहरी क्षेत्र में पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को जान जोखिम में डालनी पड़ेगी, यह इन बच्चों ने कभी नहीं सोचा होगा। मगर विधानसभा कैंट क्षेत्र के कौलागढ़ वार्ड में एफआरआई प्रशासन की मनमानी के कारण ऐसा हो रहा है। दरअसल, यहां एफआरआई प्रशासन चरखी गेट को अधिकांश समय बंद रख रहा है। जिससे स्कूल टाइम पर गेट बंद रहने से छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र-छात्राएं नुकीले सरिया लगे इस गेट के ऊपर से चढ़कर जाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जान को भी खतरा बना रहता है। इसके अलावा अन्य लोगों को भी गेट बंद रहने से कई फजीहतों का सामना करना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जोशी समेत कई लोगों ने बताया कि एफआरआई परिसर क्षेत्र के सर्किट एरिया में कई परिवार रहते हैं और इन परिवारों के बच्चे कौलागढ़ के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ने के लिए चरखी गेट से ही आवाजाही करते हैं। पहले यह गेट सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक खुला रहता था, लेकिन अब एफआरआई प्रशासन की ओर से इस गेट को कुछ ही देर के लिए खोला जा रहा है। अब गेट सुबह छह बजे खुलता है और साढ़े नौ बजे बंद हो जाता है। इसके बाद दोपहर दो से शाम को साढ़े छह बजे तक ही खुलता है। इस बीच जब गेट बंद रहता है तब स्कूलों की छुट्टी का समय होता है। ऐसे में जीजीआईसी समेत करीब छह स्कूलों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के बाद घर जाने के लिए नुकीले सरिया लगे गेट के ऊपर से जाने को मजबूर होना पड़ता है। इस दौरान यदि कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। एफआरआई परिसर में बैंक भी है और यहां के कर्मचारियों व उपभोक्ताओं को यहां आने और यहां से जाने के लिए एक किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर दूसरे गेट से जाना पड़ रहा है। परिसर में रहने वाले परिवारों को रोजमर्रा का सामान भी कौलागढ़ के दुकानदार इसी बंद गेट से देते हैं। लोगों ने जनहित में गेट पूर्व की भांति खोलने की मांग की है।
स्कूली बच्चों की परेशानी को देखते हुए स्कूल टाइम पर चार-चार घंटे के लिए गेट खोला जा रहा है। इस दौरान एक सुरक्षा गार्ड भी वहां तैनात रहेगा, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते गेट को चौबीसों घंटे खोलना संभव नहीं है। यदि अभिभावकों और बच्चों को परेशानियां हो रही हैं तो गेट के खोलने की अवधि में विस्तार भी किया जा सकता है।
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सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जोशी समेत कई लोगों ने बताया कि एफआरआई परिसर क्षेत्र के सर्किट एरिया में कई परिवार रहते हैं और इन परिवारों के बच्चे कौलागढ़ के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ने के लिए चरखी गेट से ही आवाजाही करते हैं। पहले यह गेट सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक खुला रहता था, लेकिन अब एफआरआई प्रशासन की ओर से इस गेट को कुछ ही देर के लिए खोला जा रहा है। अब गेट सुबह छह बजे खुलता है और साढ़े नौ बजे बंद हो जाता है। इसके बाद दोपहर दो से शाम को साढ़े छह बजे तक ही खुलता है। इस बीच जब गेट बंद रहता है तब स्कूलों की छुट्टी का समय होता है। ऐसे में जीजीआईसी समेत करीब छह स्कूलों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के बाद घर जाने के लिए नुकीले सरिया लगे गेट के ऊपर से जाने को मजबूर होना पड़ता है। इस दौरान यदि कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। एफआरआई परिसर में बैंक भी है और यहां के कर्मचारियों व उपभोक्ताओं को यहां आने और यहां से जाने के लिए एक किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर दूसरे गेट से जाना पड़ रहा है। परिसर में रहने वाले परिवारों को रोजमर्रा का सामान भी कौलागढ़ के दुकानदार इसी बंद गेट से देते हैं। लोगों ने जनहित में गेट पूर्व की भांति खोलने की मांग की है।
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स्कूली बच्चों की परेशानी को देखते हुए स्कूल टाइम पर चार-चार घंटे के लिए गेट खोला जा रहा है। इस दौरान एक सुरक्षा गार्ड भी वहां तैनात रहेगा, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते गेट को चौबीसों घंटे खोलना संभव नहीं है। यदि अभिभावकों और बच्चों को परेशानियां हो रही हैं तो गेट के खोलने की अवधि में विस्तार भी किया जा सकता है।
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