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देहरादून: एफआरआई ने नीम के एक पौधे से 30 पौधे तैयार करने की विधि की विकसित, व्यावसायिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

Fri, 30 Oct 2026 01:37 PM IST
Renu Saklani विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Fri, 30 Oct 2026 01:37 PM IST
सार

नीम की बढ़ती व्यावसायिक मांग अब किसानों के लिए कमाई का नया अवसर बन सकती है। पौधों की कमी और बड़े पैमाने पर उत्पादन की चुनौती को दूर करने के लिए देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान ने नई तकनीक विकसित की है।

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FRI develops hybrid micro cutting technology to produce 30 neem plants from a single plant in a year Dehradun
नीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने नीम की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हाइब्रिड माइक्रो कटिंग सिस्टम विकसित किया है, जिससे एक साल में एक नीम से 30 तक नए पौधे तैयार किए जा सकेंगे। इफ्को के सहयोग से पूरी हुई इस तकनीक को अब जल्द ही उसे हस्तांतरित करने की तैयारी है।नीम की बढ़ती व्यावसायिक मांग अब किसानों के लिए कमाई का नया अवसर बन सकती है। पौधों की कमी और बड़े पैमाने पर उत्पादन की चुनौती को दूर करने के लिए देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान ने नई तकनीक विकसित की है।

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नीम के तेल का उपयोग यूरिया कोटिंग, साबुन और औषधियों में बड़े पैमाने पर होता है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए एफआरआई ने वर्ष 2023 में नीम की छह नई प्रजातियां तैयार की थीं, जिनमें जल्द फूल आने के साथ-साथ तेल की मात्रा और कड़वाहट अधिक है। हालांकि, इन पौधों को बड़ी संख्या में तेजी से तैयार करना एक बड़ी चुनौती थी।
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वन आनुवंशिकी विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय ठाकुर ने बताया कि नीम के बीज से केवल 15 दिन में नए पौधे तैयार होते हैं। पारंपरिक विधि में एक बीज से सिर्फ एक पौधा तैयार होता है, जबकि टिश्यू कल्चर विधि बहुत महंगी है। इसके समाधान के लिए संस्थान ने लगभग एक दशक पहले शोध शुरू किया था। अब दोनों विधियों के गुणों को मिलाकर सस्ती हाइब्रिड माइक्रो कटिंग विधि विकसित की गई है। इस तकनीक से अपनी नर्सरी विकसित कर एक साल में 16 से 30 पौधे तैयार किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि नए पौधों में मदर प्लांट के सभी गुण पूरी तरह बरकरार रहते हैं।

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एक एकड़ से सालाना तीन लाख तक की कमाई
वन आनुवंशिकी विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अशोक कुमार ने बताया कि नीम की कमर्शियल खेती किसानों के लिए बेहद मुनाफे का सौदा है। एक पेड़ से औसतन 50 किलोग्राम बीज मिलता है, जो 20 रुपये प्रति किलो के भाव से बिकता है। ऐसे में एक पेड़ से सालाना एक हजार रुपये की आय हो सकती है। एक एकड़ में 250 से 300 पेड़ लगाए जा सकते हैं, जिससे किसान सालाना ढाई से तीन लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। नीम की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें बीमारियों से फसल खराब होने और वन्यजीवों से नुकसान का कोई खतरा नहीं रहता है।

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