Exclusive: टैबलेट का इंतजार करते रह गए छात्र, समय पर धनराशि खर्च नहीं कर पाया विभाग, पीएलए खाते में चला गया पैसा
उच्च शिक्षा विभाग वित्तीय वर्ष 2021-22 में धनराशि का उपयोग नहीं कर पाया। यह हाल तब है जबकि हजारों छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मुफ्त टैबलेट का इंतजार है। प्रभारी उच्च शिक्षा निदेशक डा. संदीप कुमार शर्मा की ओर से शासन को लिखे पत्र में कहा गया है कि आठ करोड़ 85 लाख से अधिक की धनराशि जिलाधिकारियों के पीएलए खाते में रखी गई है।
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प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए मुफ्त टैबलेट का धन तय समय पर खर्च न होने से यह पैसा छात्र-छात्राओं के खाते के बजाय पीएलए (वैयक्तिक लेखा खाता) में चला गया है। 8 करोड़ 85 लाख से अधिक रुपये इस खाते में जमा कराए गए हैं। यह हाल तब है जबकि 35 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को टैबलेट का इंतजार है।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर सरकारी महाविद्यालयों के सभी एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट दिए जाने थे। पूर्व में इसके लिए शासन की ओर से समिति गठित कर निविदा निकाली जानी थी, लेकिन बाद में निर्णय लिया गया कि छात्र-छात्राओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से टैबलेट की धनराशि दी जाएगी।
शासन की ओर से इसके लिए एक अरब 26 करोड़ रुपये जारी किए गए थे लेकिन उच्च शिक्षा विभाग वित्तीय वर्ष 2021-22 में इस धनराशि का उपयोग नहीं कर पाया। यह हाल तब है जबकि हजारों छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मुफ्त टैबलेट का इंतजार है। प्रभारी उच्च शिक्षा निदेशक डा. संदीप कुमार शर्मा की ओर से शासन को लिखे पत्र में कहा गया है कि आठ करोड़ 85 लाख से अधिक की धनराशि जिलाधिकारियों के पीएलए खाते में रखी गई है।
योजना के लाभ से वंचित हो रहे छात्र
उच्च शिक्षा निदेशक ने शासन को लिखे पत्र में कहा कि मुफ्त टैबलेट के लिए महाविद्यालयों में चार जनवरी 2022 तक अध्ययनरत छात्रों के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। कई छात्र वर्ष 2021-22 में परीक्षा एवं परीक्षाफल देर से घोषित होने की वजह से योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इसके लिए शासनादेश में संशोधन किया जाए।
मात्र इन महाविद्यालयों के शत प्रतिशत छात्रों को मिला पैसा
प्रदेश के नैनीताल जिले के महाविद्यालय दोषापानी और पतलोट में शत-प्रतिशत डीबीटी हुई है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग जिले के महाविद्यालय अगस्त्यमुनि और रुद्रप्रयाग, नई टिहरी के पोखाल और लंबगांव, पौड़ी जिले के पोखड़ा, हरिद्वार जिले के दल्लावाल खानपुर और मरगूबपुर, ऊधमसिंह नगर जिले के जसपुर, पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग, गणाई गंगोली और राजकीय महाविद्यालय गंगोलीहाट उन महाविद्यालयों में से हैं जिनमें शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट के लिए डीबीटी के माध्यम से पैसा मिला है।
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चुनाव आचार संहिता की वजह से मुफ्त टैबलेट की प्रक्रिया रुक गई थी। यही वजह है कि इसमें देरी हुई है। अब तक 70 फीसदी छात्र-छात्राओं को टैबलेट के लिए पैसा दिया जा चुका है। कोई छात्र योजना से वंचित न रहे इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। - डा. आरके भाकुनी, उप निदेशक उच्च शिक्षा