41 शिक्षकों की नियुक्ति में सामने आया फर्जीवाड़ा
- 36 के अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी, 5 की नियुक्ति में गड़बड़ी
- पौड़ी जिले के अशासकीय स्कूलों के हैं सभी शिक्षक
- शिक्षकों, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश
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प्रदेश में अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पौड़ी जिले में 36 शिक्षक फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति पाए गए हैं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होने जा रही है।
एक अन्य मामले में विभाग ने इसी जनपद के पांच शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी पकड़ी है। शिक्षा सचिव ने पांचों शिक्षकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ शिक्षा निदेशक को अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है।
अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति में जमकर फर्जीवाड़ा चल रहा है। फर्जी प्रमाण पत्रों और मनमानी कर नियुक्ति की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। फिलहाल दो मामलों की जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं। पहला मामला पौड़ी जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त जनता इंटर कॉलेज चमकोटखाल का है। वर्ष 2006 में यहां सहायक अध्यापक और प्रवक्ताओं के पदों पर फर्जी नियुक्ति की शिकायत सामने आई थी।
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हुई जांच
प्रबंधन समिति ने कार्रवाई नहीं की तो शिकायतकर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन ने बताया कि कोर्ट ने विभाग को मामले के निस्तारण के आदेश दिए थे। शिक्षा सचिव ने कहा कि जांच रिपोर्ट देखने और 25 अप्रैल को दोनो पक्षों को सुनने के बाद प्रवक्ता भूगोल, प्रवक्ता अंग्रेजी, एलटी जीव विज्ञान, अंग्रेजी व हिंदी शिक्षक की नियुक्ति में गड़बड़ी सामने आई है।
शिक्षा सचिव ने कहा कि संबंधित शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ शिक्षा निदेशक को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर इसी जनपद में वर्ष 2012-2013 में विभिन्न अशासकीय स्कूलों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आया था। यहां कई शिक्षक फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्त पाए गए।
विभागीय सूत्रों की मानें तो एक वर्ष के अनुभव पर शिक्षक को दो अंक और अधिकतम 25 अंक मिलते हैं। 86 शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े की शिकायत पर महानिदेशालय स्तर से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। सूत्रों के मुताबिक जांच में 36 शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी मिली है।