वॉल्वो में कंडक्टरों के गोरखधंधे की खुली पोल
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उत्तराखंड परिवहन निगम की देहरादून से गुड़गांव तक जाने वाली वाल्वो बस में यात्रियों और निगम को चूना लगाने का खेल सामने आया है। यही नहीं इसके खुलासे का तरीका भी चौंकाने वाला है।
खुद परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) को एक कंडक्टर ने गुड़गांव तक सफर की बात कहने के बावजूद धौलाकुआं तक का टिकट पकड़ा दिया। जांच में धांधली की पुष्टि हुई तो परिचालक को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया।
जीएम दीपक जैन शुक्रवार सुबह दस बजे अपने एक रिश्तेदार को छोड़ने आईएसबीटी पहुंचे। जीएम के रिश्तेदार को गुड़गांव जाना था।
जीएम परिचालन ने परिचय दिए बिना गुड़गांव तक का टिकट मांगा तो कंडक्टर ने पूरा किराया वसूल धौलाकुआं तक का ही टिकट दिया जबकि गुड़गांव धौलाकुआं के बाद आता है।
वजह पूछी तो कंडक्टर नियम पढ़ाने लगा
जब जीएम ने गुड़गांव का टिकट न दिए जाने की वजह पूछी तो कंडक्टर उन्हें नियम पढ़ाने लगा। उसका कहना था कि गुड़गांव का टिकट धौलाकुआं में दिया जाएगा।
इस बीच सहायक महाप्रबंधक पीके भारती मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कंडक्टर को बताया कि टिकट कटवाने वाले निगम के जीएम हैं तो उसके होश उड़ गए। जीएम के आदेश पर बस में बैठी सवारियों के टिकटों की जांच की गई।
कुल तीन सवारियों को गुड़गांव के बजाय धौलाकुआं तक के टिकट दिए गए थे। तीनों से गुड़गांव तक का तय किराया कुल 2115 रुपये वसूला गया था, जबकि टिकट सिर्फ 2013 रुपये के दिए गए थे। यानी 102 रुपये कंडक्टर की जेब में जा रहे थे।
परिवहन निगम को चूना
इस पर कंडक्टर संजय कुमार को तत्काल निलंबित कर दिया गया। यह भी साफ हुआ कि धौलाकुआं में यात्रियों को टिकट नहीं दिया जाता है।
इस तरह हर रोज यात्रियों और परिवहन निगम को चूना लगाया जा रहा है। जीएम दीपक जैन ने बताया कि कंडक्टर संजय कुमार 15 दिन पहले ही मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पर लगा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी बस में किसी यात्री को टिकट में हेरफेर लगे तो वह तुरंत बसों में लिखे अफसरों के नंबर पर काल कर जानकारी दे सकते हैं। जांच में पुष्टि होने पर आरोपित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।