फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Former Uttarakhand Information Commissioner Anil Sharma dies from Corona

देहरादून : उत्तराखंड के पूर्व सूचना आयुक्त अनिल शर्मा का कोरोना से निधन

Thu, 06 May 2021 01:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 06 May 2021 01:04 AM IST
सार

  • बड़े और सख्त फैसलों के लिए जाना जाता है उनका पांच साल का कार्यकाल
  • सूचना के अधिकार अधिनियम को जनहित में लागू करने के रूप में पहचान बनाई
  • शर्मा गुरुग्राम में एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे

विज्ञापन
Former Uttarakhand Information Commissioner Anil Sharma dies from Corona
अनिल शर्मा - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तराखंड के पूर्व सूचना आयुक्त अनिल शर्मा का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। 66 वर्षीय शर्मा गुरुग्राम में एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता रहे अनिल कुमार शर्मा ने सूचना आयुक्त के रूप में उत्तराखंड में बेहतरीन काम किया था। वर्ष 2010 में अनिल कुमार शर्मा को उत्तराखंड में सूचना आयुक्त बनाया गया था। दायित्व संभालने के तुरंत बाद से ही उन्होंने किसी के दबाव में न आने, सख्त फैसले लेने में न हिचकिचाने और सूचना के अधिकार अधिनियम को जनहित में लागू करने के रूप में अपनी पहचान बनाई।

विज्ञापन


उत्तराखंड में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में लागू हुआ था और डॉ.आर एस टोलिया मुख्य सूचना आयुक्त बने थे। टोलिया की कोशिश सूचना के अधिकार अधिनियम को जनहित के एक व्यापक औजार के रूप में उपयोग करने की रही। अनिल कुमार शर्मा ने इस काम को बखूबी आगे बढ़ाया। पांच साल के अपने कार्यकाल में शर्मा ने कई ऐसे फैसले लिए, जिनसे सरकार को खासा असहज होना पड़ा। 
विज्ञापन


प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार को उस समय खासी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने कुंभ घोटाले के एक मामले में तत्कालीन मुख्य सचिव को सीबीआई जांच के निर्देश दे दिए। इसी तरह शर्मा का एक और फैसला सरकार के लिए गले की फांस बन गया था। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद एक शख्स ने आरटीआई दाखिल कर आरोप लगाया था कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सामान पहुंचाने के नाम पर खासी बंदरबांट हुई है। उसने भेजे गए सामान की सूची और बिल भी मांगे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शर्मा के दबाव के कारण प्रशासन को उक्त जानकारी उपलब्ध करानी पड़ी तो तूफान उठ खड़ा हुआ। जानकारी में यह भी पता लगा कि कई ऐसे वाहनों में, जिनमें पेट्रोल भरवाया गया, वास्तव में वह स्कूटर और मोटरसाइकिल थे। वस्तुओं के दाम कई कई गुना अधिक दिखाए गए। प्रकरण में शर्मा ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए थे। इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि तत्कालीन मुख्य सचिव को बकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर कार्य स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। बाद में इस प्रकरण का असर कई प्रभावशाली नौकरशाहों के फेरबदल के रूप में भी सामने आया था। 


कुल मिलाकर आयुक्त रहते हुए शर्मा ने सूचना के अधिकार अधिनियम को और पुख्ता करने के लिए अपनी तरफ से भरपूर कोशिश की। शर्मा के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं। मूल रूप से कुमाऊं से संबंध में रखने वाले शर्मा वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में रह रहे थे। वे जगतगुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम के शिष्य थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed