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पूर्व सीएम हरीश रावत के स्टिंग का मामला अन्य बेंच को भेजा, अब मुख्य न्यायाधीश नामित करेंगे बेंच

Sat, 21 Sep 2019 09:47 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 21 Sep 2019 09:47 AM IST
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Former Chief Minister Harish Rawat sting case hearing today in high court nainital

नैनीताल हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग मामले में सुनवाई से किया इंकार करते हुए प्रकरण को सुनवाई के लिए अन्य बेंच में भेज दिया है। अब हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इस प्रकरण की सुनवाई के लिए बेंच गठित करेंगे। उसके बाद ही मामला सुनवाई पर आ पाएगा।

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शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के विधायकों की कथित खरीद फरोख्त से संबंधित स्टिंग मामले में सुनवाई हुई। पूर्व में सीबीआई ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें सीबीआई ने कहा था कि वह हरीश रावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने जा रही है। शुक्रवार को एकलपीठ में सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के अधिवक्ता डीडी कामथ, वीबीएस नेगी और अवतार सिंह रावत ने बहस करते हुए इस मामले में दाखिल सीबीआई की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को गलत बताया और इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेने की भारत सरकार व सीबीआई  की दलील का विरोध किया।
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न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष दोपहर से पहले हुई सुनवाई में सीबीआई के अधिवक्ता राकेश थपलियाल और संदीप टंडन ने कहा कि रावत जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं जबकि रावत के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने पूरा सहयोग किया है। इस दौरान प्रदेश में पूर्व में धारा 356 के प्रयोग की बात भी उठी। कोर्ट ने इस प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए एक अक्तूबर की तिथि नियत कर दी थी। अगली तिथि में सीबीआई की प्रारंभिक रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने पर विचार होना है। मामले में मोड़ तब आया जब दोपहर बाद सीबीआई की ओर से पूर्व सीएम हरीश रावत के स्टिंग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आज ही कोर्ट में पेश करने का अनुरोध किया गया। हरीश रावत के अधिवक्ताओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब पहली अक्तूबर की तिथि कोर्ट ने दे दी है तो आज ही इसे क्यों प्रस्तुत किया जा रहा है। इस दौरान कोर्ट में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं में तीखी नोकझोंक हुई। इस बीच न्यायाधीश ने मामले को सुनने से इंकार करते हुए इसे दूसरी बेंच को भेज दिया।

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मुझे न्यायपालिका पर भरोसा पर केंद्र को सीबीआई, ईडी और बाहुबल पर : हरीश

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वह अगर दोषी पाए जाते हैं तो सजा भुगतने को तैयार हैं, लेकिन उनको अपनी सुनवाई का और खुद को निर्दोष सिद्ध करने का पूरा मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सीबीआई पर इतना दबाव है कि वह विपक्ष को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना दोषी सिद्ध करने पर उतारू हो गई है। 

रावत ने कहा कि उन्हें तो न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है लेकिन केंद्र सरकार को न्याय पालिका और किसी संस्थान पर भरोसा नहीं है। उसे सिर्फ सीबीआई, ईडी और बाहुबल पर ही भरोसा है। इनके द्वारा वह हर किसी की आवाज को दबाना चाह रही है। सीबीआई ने भरपूर कोशिश की कि कल ही सुनवाई हो जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सीबीआई इतने दबाव में क्यों है?

विधायकों की खरीद फरोख्त और स्टिंग मामले को लेकर हाईकोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान रावत नैनीताल में डेरा डाले रहे। दोपहर बाद जब सुनवाई की तिथि फिर बदली गई तो उन्होंने दोबारा पत्रकार वार्ता बुलाई। इससे पहले वह एक बार पत्रकार वार्ता कर चुके थे, जब इस मामले में सुनवाई की तिथि एक अक्तूबर तय हुई थी। शाम को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है और कोर्ट का जो भी फैसला आएगा उसे स्वीकार करेंगे। 

आज जो निजाम है उसके राज में सब कुछ संभव

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह बात कोई भी व्यक्ति कह सकता है कि जब तक कोई अपराध घटित न हो कैसे किसी व्यक्ति पर किसी आपराधिक मामले में एफआईआर और चार्जशीट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बदले की भावना से काम करते हुए उन्हें षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुकदमा तो उन लोगों पर होना चाहिए था जो कांग्रेस में डाका डालकर विधायकों को खरीद कर ले गए और विधायक आज भी उनके पाले में हैं। कहा कि आज जो निजाम है उसके राज में सब कुछ संभव है।

रावत ने कहा कि हाल यह है कि यदि किसी के घर चोरी डकैती पड़े तो उसे थाने नहीं जाना चाहिए, नहीं तो उसी पर मुकदमा हो जाएगा, जैसे हरीश रावत के ऊपर सीबीआई के माध्यम से केंद्र सरकार मुकदमा करवाना चाहती है। रावत ने कहा कि एक षड्यंत्र रचकर हमारी सरकार गिराई गई। कहा कि यह तो तथाकथित स्टिंगबाज अपने मुंह से कहता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही है तो सबसे पहला मुकदमा तो मनोहर लाल ठक्कर पर होना चाहिए, जो फरसा उठाकर एक व्यक्ति से कह रहे हैं कि तेरी गर्दन काट दूंगा। इस निजाम के राज में जो भी सरकार के खिलाफ बात करेगा उसे मुकदमे झेलने ही पड़ेंगे।  इस मौके पर पूर्व विधायक सरिता आर्या, रमेश पांडे आदि मौजूद थे।

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