उत्तराखंडः टीचरों का बड़ा फर्जीवाड़ा आया सामने, नकली डिग्री पर कर रहे नौकरी
- 60 टीचरों के प्रमाणपत्र संदिग्ध
- शिक्षा विभाग करा सकता है मुकदमा दर्ज
- सूचना आयोग के निर्देश पर हो रही है शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच
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उत्तराखंड में टीचरों का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिक्षा विभाग मामले की जांच कर रहा है। विभाग इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में है।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में 60 टीचरों के प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले हैं। दून निवासी एक व्यक्ति ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत विभाग से कुछ टीचरों के प्रमाण पत्रों की सत्यापित प्रति की मांग की थी।
इन टीचरों के नामों की सूची के साथ विभाग से इनके प्रमाण पत्र मांगे गए थे, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन टीचरों के प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए।
प्रदेश भर में टीचरों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की हो रही जांच
इस पर मामला सूचना आयोग पहुंचा तो सूचना आयोग ने इन टीचरों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश दिए। जिसके बाद विभाग की ओर से प्रदेश भर में टीचरों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है।
जांच में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में विभाग को कई टीचरों के बीटीसी एवं अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में 60 टीचरों के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं।
विभाग की ओर से टीचरों के प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। कुछ टीचरों के प्रमाण पत्र संदिग्ध हैं। अभी पूरी तरह से यह नहीं कहा जा सकता की यह फर्जी हैं, लेकिन जांच में जिन टीचरों के प्रमाण पत्र फर्जी मिले उनके खिलाफ विभाग को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
-डा.रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव