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खेलकूद तो ग्रामीण, लेकिन खिलाड़ी शहरी
अंशुल डांगी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 17 Dec 2013 03:25 PM IST
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स्वामी विवेकानंद अंडर 16 खेलकूद प्रतियोगिता आने वाले खिलाड़ियों के गांव का नाम ही पता नहीं है।
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इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ वॉलीबॉल सेमीफाइनल के दौरान जब देहरादून और पौड़ी की टीमों ने एक दूसरे पर आपत्ति जताई। जांच के बाद दून के छह और पौड़ी के दो खिलाड़ी बाहर हो गए।
टीम में बाहरी खिलाड़ियों की बात कहकर विरोध जताया
युवा कल्याण विभाग की ओर से पंचायत युवा क्रीड़ा एवं खेलकूद अभियान के तहत सोमवार को ननूरखेड़ा स्थित मिनी स्टेडियम में वॉलीबॉल बालक वर्ग सेमीफाइनल मैच पौड़ी और दून के बीच हुआ।
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मैच के दौरान पौड़ी के टीम मैनेजर ने दून की टीम में बाहरी खिलाड़ियों की बात कहकर विरोध जताया तो दून के मैनेजर ने आरोप लगाया कि पौड़ी की टीम में नगरीय खिलाड़ी शामिल हैं।
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विरोध पर करीब दो घंटे तक मैच रुका रहा। आयोजन समिति ने कागजों की जांच की तो दून के 6 खिलाड़ियों के गांव और आयु के प्रमाणपत्र नदारद थे, पौड़ी के भी दो खिलाड़ी बिना पता जमा किए खेलते मिले। दोनों टीमों को दो दिन में निवास प्रमाणपत्र जमा करने का नोटिस जारी किया गया है।
उत्तरकाशी और नैनीताल हो चुके बाहर
ग्रामीण खेलों में इस कदर फर्जीवाड़ा चल रहा है कि अपने जिले के नाम जीत दर्ज कराने के लिए विभागीय अधिकारी शहरी और ओवरएज खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अंडर-16 प्रतियोगिता में 16 वर्ष से अधिक उम्र के खिलाड़ियों को भेजने पर उत्तरकाशी और नैनीताल की टीमें पहले ही बाहर की जा चुकी हैं।
मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। प्रतियोगिता का रिजल्ट रुकवा दिया गया है। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर टीम मैनेजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अजय अग्रवाल, सहायक समादेष्टा, युवा कल्याण विभाग