लोन के फर्जीवाड़े में कई बैंक अफसरों को सजा
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देहरादून में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की आर्यनगर की शाखा में हुए लोन घोटाले में दो बैंक अफसर एवं एक अन्य को चार साल की कैद और दो अन्य को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी पर दो लाख 40 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। मामले के तीन अन्य आरोपियों को सीबीआई गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
दो बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से छह लोगों ने वर्ष 2011 में इंडस्ट्रीयल एरिया कुआंवाला में पांच फर्जी फर्में दिखाकर 3 करोड़ 63 लाख रुपए का लोन लिया था।
पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नहीं ली NoC
सीबीआई ने जांच की तो पता चला कि जिस स्थान पर फैक्ट्री लगाना दिखाया गया था वहां कुछ पुरानी मशीनें थीं। न तो बिजली का कनेक्शन था, न ही पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी ली गई थी।
वैट, माल खरीद या बेचने का प्रमाण पत्र सीबीआई को नहीं मिला। विशेष सीबीआई जज अमित कुमार सिरोही की अदालत में हुई सुनवाई में लोक अभियोजन अधिकारी सतीश कुमार ने 40 गवाह और साक्ष्य के रूप में 888 प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे।
सोमवार को विशेष सीबीआई जज अमित कुमार सिरोही की अदालत ने मामले में फैसला सुनाया। इस दौरान दोषी परिजनों के साथ कोर्ट में थे, लेकिन उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।