{"_id":"591483704f1c1bba48851546","slug":"forest-team-caught-guldar-after-18-hours-of-rescue","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"18 घंटे के रेस्क्यू के बाद पिंजरे में फंसा गुलदार, टीम ने इस तरह पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
18 घंटे के रेस्क्यू के बाद पिंजरे में फंसा गुलदार, टीम ने इस तरह पकड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Thu, 11 May 2017 09:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम पंचायत काशीरामपुर तल्ला गांव में गोशाला में कैद हुए गुलदार को 18 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद वन विभाग पिंजरे में कैद कर लिया। वन विभाग ने गुलदार की डाक्टरी जांच कराकर उसे दूर जंगल में छोड़ दिया।
विज्ञापन
बुधवार सुबह काशीरामपुर तल्ला में गुलदार ने गाय और बछड़े पर हमला कर दिया था। उसकी मालकिन लक्ष्मी देवी ने गुलदार को गोशाला में बंद कर दिया था। उसी दिन सुबह आठ बजे से लैंसडौन वन प्रभाग के वन कर्मी गुलदार को पिंजरे में फंसाने के लिए रेस्क्यू चला रहे थे।
विज्ञापन
इस तरह पकड़ा गया
रेस्क्यू के 18 घंटे बाद रात के दो बजे वन कर्मियों और स्थानीय लोगों ने उस समय चैन की सांस ली, जब गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार के पिंजरे में कैद होने की खबर मिलते ही लोग उसे देखने के लिए मौक पर पहुंच गए।
कोटद्वार रेंज के डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह और दीपक नेगी ने बताया कि रात के दो बजे गुलदार के पिंजरे में रखी बकरी को खाने के चक्कर में पिंजरे में आया। फंसने के बाद उसे सनेह वन चौकी ले जाया गया।
शुक्रवार सुबह उसका डा. राजेश कुमार ने मेडिकल चेकअप किया। डाक्टर ने गुलदार को नर बताते हुए उसकी उम्र पांच वर्ष बताई। गुलदार के स्वस्थ पाए जाने पर उसे चौखंभ के जंगल में छोड़ दिया गया।
कोटद्वार रेंज के डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह और दीपक नेगी ने बताया कि रात के दो बजे गुलदार के पिंजरे में रखी बकरी को खाने के चक्कर में पिंजरे में आया। फंसने के बाद उसे सनेह वन चौकी ले जाया गया।
शुक्रवार सुबह उसका डा. राजेश कुमार ने मेडिकल चेकअप किया। डाक्टर ने गुलदार को नर बताते हुए उसकी उम्र पांच वर्ष बताई। गुलदार के स्वस्थ पाए जाने पर उसे चौखंभ के जंगल में छोड़ दिया गया।