वन विभाग ने शुरू की 1218 फॉरेस्ट गार्ड पदों की भर्ती प्रक्रिया, जल्दी देखें मौका छूट न जाए
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फॉरेस्ट गार्ड के 1218 पदों की भर्ती के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जिलावार आवेदनों का ब्योरा मांगाकर वन विभाग शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहा है। रिक्त पदों में से 30 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। पिछले एक साल से डेढ़ लाख अभ्यर्थी भर्ती शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
वन विभाग के प्रस्ताव पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अगस्त 2017 में विज्ञप्ति जारी कर 1218 पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद ही सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी।
फॉरेस्ट गार्ड पद के लिए शैक्षिक योग्यता व आयु सीमा में वन विभाग ने संशोधन कर दोबारा से सीधी भर्ती का प्रस्ताव आयोग को भेजा। अक्तूबर 2017 में दोबारा से आवेदन मांगे गए। इसमें प्रदेश भर से डेढ़ लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। लेकिन आज तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
फॉरेस्ट गार्ड पदों के लिए पहले शारीरिक परीक्षा होनी है। इसके बाद लिखित परीक्षा होगी। चयन आयोग ने विभागीय स्तर पर शारीरिक परीक्षा कराने का प्रस्ताव वन विभाग को भेजा है। शारीरिक परीक्षा कराने के लिए विभाग जिला स्तर पर व्यवस्था देख रहा है।
उधर, फॉरेस्ट गार्ड के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती कराने पर गोविंद पशु विहार उत्तरकाशी के दैनिक भोगी कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। वन विभाग में करीब 1600 पद खाली है। ऐसे में विभाग सीधी भर्ती के साथ दैनिक भोगी कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियुक्ति देने का रास्ता निकाल रहा है।
लिखित परीक्षा से पहले होगा शारीरिक टेस्ट
वन रक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का पहला शारीरिक टेस्ट होगा। जिसमें पुरूष अभ्यर्थियों के 25 किमी. की दौड़ 10 किलोग्राम भार के साथ चार घंटे में पूरी करनी होगी। इसके साथ ही 13 फीट की लंबी कूद, ऊंची कूद व शाटपुट में क्वालीफाई करना अनिवार्य होगा।
जबकि महिला वर्ग के लिए 14 किमी. दौड़ 5 किलोग्राम भार के साथ चार घंटे में पूरी करनी होगी। महिला अभ्यर्थियों के लिए 30 प्रतिशत पद आरक्षित है। जबकि राज्य आंदोलनकारी श्रेणी में भी पदों को आरक्षित रखा गया है।
शारीरिक परीक्षा के लिए सभी वनमंडलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। कुछ डीएफओ की ओर से ये कहा गया है कि उनके संसाधनों का अभाव है। इस कमी को पूरा करते हुए परीक्षा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। पहले से कार्यरत दैनिक भोगी कर्मचारियों के मसले पर भी विचार किया जा रहा है।
- मनोज चंद्रन, मुख्य वन संरक्षक(मानव संसाधन)