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जंगल की आग से दहका उत्तराखंड, सभी जिले चपेट में

Mon, 02 May 2016 02:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 02 May 2016 02:33 PM IST
सार

  • प्रदेश के सभी जिले आए आग की चपेट में
  • रोकथाम के बावजूद एक दिन में 136 घटनाएं
  • सैलानियों को नहीं दिख रही हिमालय की चोटियां

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forest fire reached every district in uttarakhand.
जंगल की आग - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूरा उत्तराखंड जंगल की आग से दहक रहा है। प्रदेश के सभी 13 जिले रविवार को आग की चपेट में आ गए। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से शनिवार तक हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जंगल की आग से बचे हुए थे।

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बीते 24 घंटे में आग 136 जगह और लग गई। जिससे यहां आए सैलानियों को धुएं की वजह से हिमालय की चोटी दिखना बंद हो गई। ऐसे में सैलानी लौटने लगे हैं। सरकारी आंकड़ों में आग से क्षति लाखों में दिखाई जा रही है, लेकिन हकीकत में आग ने बड़ा नुकसान किया है। वन संपदा और वन्य जीवों को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है।
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जंगल में आग की घटनाओं के थमने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में एक भी घटना दर्ज नहीं हुई थी, लेकिन रविवार को ऊधम सिंह नगर में सात और हरिद्वार में आग की 40 घटनाएं दर्ज की गई।
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शासन, प्रशासन और वन विभाग में संसाधनों और मैन पावर की कमी होने से आग पर काबू पाने में दिक्कत आ रही है। जलस्रोत सूखे हुए हैं। जंगलों को आग से बचाने के लिए शासन और वन विभाग बारिश की बाट जोह रहा है।

राज्यपाल ने शुरू की मानीटरिंग, समीक्षा के निर्देश

forest fire reached every district in uttarakhand.
उत्तरकाशी में लगी आग - फोटो : ANI

राज्यपाल डॉ. केके पाल ने स्वयं स्थिति की मानीटरिंग शुरू कर दी है। सभी जिलों के डीएम को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। रविवार को राज्यपाल ने सलाहकारों के साथ बैठक की और आग से पहुंची क्षति की समीक्षा के निर्देश दिए।

एनडीआरएएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग की टीमों के साथ सेना भी जंगल की आग बुझाने में लगी है। वायु सेना के हेलीकॉप्टरों के साथ केंद्र सरकार का भेजा हुआ हेलीकाप्टर एमआई-17 भी बचाव कार्य में जुट गया है। वनों में आवश्यक आर्द्रता बनाए जलाशयों में पानी की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्र सरकार से मदद के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में घूमने आए सैलानियों को जंगल की आग की वजह से दिक्कत हो रही है। चारों तरफ धुआं भरा होने की वजह से लोग हिमालय की चोटी नहीं देख पा रहे हैं। आग की वजह से सैलानियों ने लौटना शुरू कर दिया है।

दावानल ने मचाई कितनी तबाही, पूरा आंकड़ा एक नजर में

forest fire reached every district in uttarakhand.
जलते जंगल - फोटो : अमर उजाला
30 अप्रैल तक

गढ़वाल-603 घटनाएं
1039.83 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित

कुमाऊं-318 घटनाएं
671.31 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित
-
वन्य जीव क्षेत्र-161 घटनाएं
558.15 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित
वनाग्नि की कुल घटनाएं-1082
कुल वन क्षेत्र प्रभावित-2269.29 हेक्टेयर

वनाग्नि से क्षति रुपयों में
गढ़वाल-1,024,990.00 रुपये
कुमाऊं-831,030.00 रुपये
वन्य जीव क्षेत्र-329,075.00 रुपये
कुल-2,185,095.00 रुपये
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