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उत्तराखंड में 26 जगह जले जंगल: गढ़वाल के जंगलों पर वनाग्नि का कहर, 40 हेक्टेयर वन संपदा को पहुंचा नुकसान
Wed, 06 Apr 2022 10:17 PM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून।
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 06 Apr 2022 10:17 PM IST
सार
प्रदेश में मंगलवार को 24 घंटे में कुल 26 स्थानों पर जंगलों में आग लगी। वनाग्नि का सबसे अधिक कहर गढ़वाल के जंगलों पर टूटा।
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जंगल में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में बढ़ते तापमान के साथ वनों के धधकने का सिलसिला भी तेज हो गया है। मंगलवार को प्रदेश भर में 24 घंटे में कुल 26 स्थानों पर जंगलों में आग लगी। वनाग्नि का सबसे अधिक कहर गढ़वाल के जंगलों पर टूटा। यहां आग 21 घटनाएं रिपोर्ट की गईं, जबकि कुमाऊं में एक और वन्य जीव विहार क्षेत्रों में चार स्थानों पर आग लगी। वनाग्नि की इन घटनाओं में 40 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
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बीते 24 घंटे में गढ़वाल में जिन 21 स्थानों पर आग लगी, सभी आरक्षित वन क्षेत्र का हिस्सा हैं। इस फायर सीजन में गढ़वाल में आरक्षित वन क्षेत्रों में आग की सौ घटनाएं, जबकि कुल 112 घटित हो चुकी हैं। इसी तरह से कुमाऊं में आरक्षित वन क्षेत्र में 76 और सिविल वन पंचायत में 35, कुल 111 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जबकि वन्य जीव विहारों में कुल 17 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। तीनों वन क्षेत्रों को मिलाकर प्रदेश भर में वनाग्नि की 240 घटनाएं रिपोर्ट की जा चुकी हैं। जिसमें तीन सौ हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इन घटनाओं में 11 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का आकलन किया गया है।
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मुख्य वन संरक्षक, वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन निशांत वर्मा ने बताया कि बढ़ते तापमान के साथ रोज वनाग्नि की घटनाएं बढ़ रही हैं। वनाग्नि पर काबू पाने के लिए विभाग के स्तर से सभी जरूरी कार्रवाई की जा रही हैं। उन्होंने वनों को आग से बचाने के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आम लोगों से भी अलर्ट पर रहने की अपील की है।
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इन नंबरों पर दें वनाग्नि की घटनाओं की जानकारी
टोल फ्री नंबर - 18001804141
फोन नंबर - 0135- 2744559
वाट्स ऐप नंबर- 9379337488, 7668304788
मोबाइल नंबर - 9557444476