नंदा देवी क्षेत्र में लापता पर्वतारोहियों का मामला, टीम आज पहुंचेगी बेस कैंप, शुरू होगा अभियान
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नंदा देवी चोटी में आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आए पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए आईटीबीपी का दल आज शाम तक नंदा देवी बेस कैंप पहुंच जाएगा और शवों को खोजने का काम शुरू करेंगे।
गुरुवार की सुबह आईटीबीपी के जवान पिथौरागढ़ स्थित 14वीं वाहिनी से मुनस्यारी के लिए रवाना हुए थे। 13 मई को मुनस्यारी से नंदादेवी ईस्ट के लिए रवाना हुए 13 सदस्यीय दल में से ब्रिटेन निवासी मार्टिन मोरिन, जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकंस और इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय पर्वतारोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हो गए थे।
अभियान में 32 सदस्य शामिल
सर्च अभियान के दौरान बर्फ में पांच शव दिखाई दिए थे। जिस स्थान पर शव पड़े थे वहां खतरनाक दर्रे होने के कारण सेना के हेलीकॉप्टर से इन्हें निकालने का प्रयास सफल नहीं हो सका था।
पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए डीएम डा. विजय कुमार जोगदंडे, आईटीबीपी के उप महानिरीक्षक एपीएस निंबाडिया और एनडीआरएफ के अधिकारियों की बैठक में कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें एक्सपर्ट पर्वतारोहियों को पैदल सर्च अभियान के लिए भेजने का निर्णय लिया गया। 25 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में 32 सदस्य शामिल हैं। इनमें आईटीबीपी के 18 जवान हैं।