प्रकृति के कहर से निपटने को तैयार 16 हजार से ज्यादा लोगों की 'फौज’
आपदा से निपटने के लिए हर न्याय पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित वालंटियरों की ‘फौज’ तैयार की जा रही है। उत्तराखंड में अब तक 16 हजार से अधिक वालंटियरों को ट्र्रेंड किया गया है।
जो किसी भी प्राकृतिक आपदा आने पर जान माल की सुरक्षा और फर्स्ट एड उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के माध्यम से कैंप लगाकर अधिक से अधिक वालंटियरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राज्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा की घटना के दौरान सबसे पहले स्थानीय लोग ही मौके पर पहुंचते हैं। अगर उन्हें आपदा से निपटने के लिए जरूरी ज्ञान और बचाव कार्य की जानकारी दी जाए तो समय से पहले जान माल का नुकसान होने से बचाया जा सकता है।
10 दिन का कैंप लगा कर वालंटियरों को दे रहे ट्रेनिंग
इसी मकसद से आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र प्रदेश की हर न्याय पंचायत स्तर पर 10 दिन का कैंप लगा कर वालंटियरों को ट्रेनिंग दे रहा है।
जिसमें लोगों को आपदा के दौरान रेस्क्यू कार्य, घायलों को प्राथमिक उपचार किस प्रकार से करना है आदि विषयों पर विशेषज्ञों के माध्यम जानकारी दी जा रही है। 13 जिलों में अब तक 16 हजार वालंटियर आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित हो चुके हैं।
आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के अधिशासी निदेशक पीयूष रौतेला ने बताया कि आपदा प्रबंधन के बारे में गांव स्तर पर लोगों प्रशिक्षित करना जरूरी है।
किसी भी तरह की आपदा आने पर सबसे पहले स्थानीय लोग ही मौके पर मौजूद रहते हैं। गांव स्तर पर लोगों को आपदा की ट्रेनिंग देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।