{"_id":"652d85adcd1be395ba0c68f4","slug":"for-this-the-police-has-decided-to-send-a-proposal-to-dehradun-news-c-5-1-drn1032-268093-2023-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand Police: सभी जिलों में स्थापित होंगे साइबर थाने, शासन को जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand Police: सभी जिलों में स्थापित होंगे साइबर थाने, शासन को जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव
Tue, 17 Oct 2023 12:24 PM IST
देहरादून ब्यूरो
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 17 Oct 2023 12:24 PM IST
सार
डीजीपी अशोक कुमार ने सभी पुलिस कप्तान को प्रोफेशन पुलिसिंग को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने हर माह एडीजी कानून व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
डीजीपी अशोक कुमार
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के सभी जिलों में साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए पुलिस ने शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है। डीजीपी अशोक कुमार ने सोमवार को सभी पुलिस कप्तान के साथ अपराध और अभियानों की समीक्षा के लिए बैठक की थी। इसमें उन्होंने अभियानों में कमजोर पड़ रहे जिलों को और अधिक तेजी से काम करने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया के संबंध में फैक्ट चेक करने की व्यवस्था को शामिल करने को कहा।
विज्ञापन
पटेल भवन में हुई इस बैठक में डीजीपी अशोक कुमार ने सभी पुलिस कप्तान को प्रोफेशन पुलिसिंग को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने हर माह एडीजी कानून व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए। कहा कि अच्छा कार्य करने वाले जिलों के कप्तान को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, चंपावत और पिथौरागढ़ की कार्रवाई पर प्रशंसा की। कहा कि उत्तराखंड पुलिस एप स्मार्ट पुलिसिंग की ओर अच्छा कदम है। इस पर जो भी सुविधाएं और सेवाएं हैं उन्हें आमजन तक पहुंचाने के लिए पुलिस को जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाने होंगे। साथ ही गौरा शक्ति मॉड्यूल में रजिस्ट्रेशन बढ़ाने और कॉल बैक प्रतिशत बढ़ाने को भी डीजीपी ने कहा।
विज्ञापन
Roorkee: फैक्टरी में लगी भीषण आग, 10 घंटे बाद भी नहीं पाया जा सका काबू, दमकल की 13 गाड़ियां बुझाने में जुटीं
विज्ञापन
डीजीपी ने दोनों रेंज प्रभारियों को अपनी-अपनी रेंज में एक से तीन साल की लंबित विवेचनाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए। कहा कि वर्तमान में साइबर क्राइम बढ़ रहा है। इस पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी पुलिस कप्तान की है। इसकी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी आईजी निलेश आनंद भरणे को दी। कहा कि हर जिले में साइबर थाना स्थापित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। अभी तक प्रदेश में दो साइबर थाने संचालित होते हैं। इनमें एक देहरादून और दूसरा ऊधमसिंहनगर में है।
सड़कों पर स्टंट व ओवरस्पीड रोकें
डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के भीतर राजमार्ग काफी बदल गए हैं। नए राजमार्ग का निर्माण भी हुआ है। सड़क सुरक्षा के मद्देनजर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों व ड्यूटी प्वाइंट को चिह्नित कर लिया जाए। नशे की हालत में वाहन चलाने वाले, रैश ड्राइविंग और स्टंट करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। ऑनलाइन चालान नहीं किया जा सकता तो लोगों के नकद चालान करें। पर्वतीय इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की कवरेज बढ़ाई जाए।