स्वामी कैलाशानंद बोले, राम मंदिर के लिए अयोध्या कूच करेंगे 50 लाख लोग, निर्माण होने तक डालेंगे डेरा
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राम मंदिर निर्माण की मांग पर संतों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। दक्षिण काली पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी की अध्यक्षता में आयोजित श्री राष्ट्रीय परशुराम परिषद की बैठक में संतों से राम मंदिर के लिए आश्रम छोड़कर अयोध्या पहुंचने का आग्रह किया गया।
तय किया गया कि नौ दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली बैठक के बाद भी अगर राम मंदिर निर्माण पर कोई बड़ा प्रस्ताव नहीं आता है तो परशुराम परिषद की दोबारा बैठक कर करीब 50 लाख लोगों के साथ अयोध्या कूच किया जाएगा।
जब तक सरकार राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं करा देती, सभी लोग अयोध्या में ही रहेंगे। कैलाशानंद ने कहा कि राम मंदिर निर्माण शुरू नहीं होने से लोकसभा चुनाव में भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि, अब संतों की प्रतिष्ठा भी इस मुद्दे से जुड़ चुकी है और नेताओं से ज्यादा संतों की वाणी पर जनता विश्वास करती है।
सोमवार को जगजीतपुर स्थित श्री आद्य काली मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में संतों और कई अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। इस दौरान अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया।
महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि अब मंदिर बनना ही चाहिए। अगर सरकार नहीं चेतेगी तो हिंदू जनमानस कोई भी आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेगा। नौ दिसंबर को दिल्ली में होने वाली विहिप की अहम बैठक के बाद भी यदि केंद्र सरकार ने मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं किया तो हरिद्वार सहित पूरे देश से लाखों संत अयोध्या कूच कर बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।
वे खुद भी राम मंदिर का निर्माण शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण की दिशा में विश्व हिंदू परिषद के प्रयासों का सहयोग किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि संतों के सानिध्य में जल्द भव्य राम मंदिर बनेगा।
हिंदुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को संसद में कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर चल रहे विवाद का भी शीघ्र समाधान होना चाहिए।
वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं पर कुठाराघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में विभिन्न तीर्थ स्थानों पर परशुराम धाम की स्थापना और भगवान परशुराम के मंदिरों के जीर्णोद्धार की भी मांग की गई।
साथ ही धन के अभाव में सही तरह से संचालित नहीं हो रहे मठ-मंदिरों के संरक्षण पर भी बल दिया गया। बैठक में स्वामी सत्यव्रतानंद, पंडित शिवकुमार शर्मा, अंकुश शुक्ला, शंभू महाराज, अशोक द्विवेदी, सुशील कुमार, देवदत्त शर्मा, रघुवीर शर्मा, सुनील बराला, सुरेश जोशी, राजीव शर्मा, सरोज व्यास, अशोक दुबे, आचार्य कृष्ण शास्त्री, राजेश तिवारी, दीपक शर्मा मौजूद थे।