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तहसील चौक पर ट्रैफिक नहीं रोकेगा कदम
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 21 Jan 2015 01:53 PM IST
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देहरादून की तहसील चौक पर शहर का पहला पैदल पुल (फुटओवर ब्रिज) करीब तैयार हो गया है।
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बिना रुके सड़क पार कर सकेंगे लोग
हालांकि, कुछ काम बाकी है, जिसे एक माह में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद शहर के इस भीड़भाड़ वाले चौक पर लोग बिना रुके सड़क पार कर सकेंगे। इस दौरान उन्हें किसी वाहन के टक्कर मारने का खतरा भी नहीं रहेगा।
अच्छी खबर यह भी है कि दर्शनलाल चौक पर भी पैदल पुल का निर्माण शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने पंचायती मंदिर समिति से चल रहे विवाद का निपटारा कर लिया है।
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तहसील चौक शहर का व्यस्त चौराहा है। यहां से दून अस्पताल, पलटन बाजार, घंटाघर, एसएसपी कार्यालय और नगर निगम के लिए रास्ते निकलते हैं। वाहनों के आवागमन के बीच यहां भारी संख्या में राहगीर सड़क पार करते हैं।
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एमडीडीए ने तहसील चौक पर बिल्ट आपरेशन ट्रांसफर (बीओटी) मोड के जरिये पैदल पुल का काम शुरू कराया। निर्माण कार्य लगभग अंतिम दौर में है। पहले एमडीडीए 26 जनवरी को इसका उद्घाटन कराना चाहता था, लेकिन उस दिन मुख्यमंत्री के पास समय नहीं है। एमडीडीए उपाध्यक्ष आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि फरवरी तक उद्घाटन हो जाएगा।
पैदल पुल में लगाई जानी है लिफ्ट
तहसील चौक पर पैदल पुल में अब केवल लिफ्ट लगाने का कार्य रह गया है। एमडीडीए ने लिफ्ट का आर्डर दे दिया है। 20 से 25 दिन में लिफ्ट भी लग जाएगी।
एमडीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि पैदल ट्रैक का निर्माण कुछ ही दिनों में पूरा हो जाएगा। हम मुख्यमंत्री से अनुमति मांग रहे हैं कि पैदल ट्रैक का पहले उद्घाटन कर दिया जाएगा। उसके बाद लिफ्ट लगती रहेगी।
मंदिर समिति से विवाद सुलझा
दर्शनलाल चौक पर भी पैदल पुल बनाया जाना है। यहां शुक्रवार से काम शुरू होगा। असल में, एमडीडीए को पैदल पुल के लिए कुछ जमीन पंचायती मंदिर समिति से लेनी थी, जिसे लेकर विवाद चल रहा था।
सोमवार को दोनों पक्षों में वार्ता हुई और सहमति बन गई। मंदिर समिति ने इस शर्त पर हामी भरी कि जितनी जमीन एमडीडीए को दी जाएगी, उसके बदले एमडीडीए डिस्पेंसरी रोड स्थित कांप्लेक्स में समिति को दुकान देगा।
नगर निगम से सीखा बीओटी का फायदा
एमडीडीए शहर में दो स्थानों पर बीओटी मोड से पैदल पुल का निर्माण कर रहा है। बीओटी मोड पर निर्माण कार्य करवाने पर एमडीडीए को बजट की जरूरत नहीं होगी। जिस कंपनी को टेंडर मिला है, वो अपने खर्चे से पुल का निर्माण करेगी।
निर्माण के बाद कंपनी ब्रिज पर विज्ञापन लगाकर रुपए कमाएगी। अभी तक शहर में नगर निगम ने बस शेल्टर का निर्माण बीओटी मोड से कराया था, जो सफल रहा।
दोनों पुल सफल रहे तो और बनेंगे
एमडीडीए को वैसे घंटाघर पर भी पैदल पुल बनाना था। लेकिन अभी दो चौराहों पर निर्माण कर ट्रायल लिया जाएगा। अगर जनता ने इसे हाथोंहाथ लिया तो फिर घंटाघर में भी पैदल पुल बनेगा।