नहीं सुनी चेतावनी, आंखों के सामने बह गए पापा
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मंडल घाटी में मंगलवार को सिर्फ दस मिनट की बारिश ने दिल्ली से घाटी के सैर-सपाटे पर पहुंचे तीर्थयात्रियों की पिकनिक मातम में बदल दी।
मंडल घाटी में सिर्फ दस मिनट तक बारिश हुई। जबकि घाटी के ऊपरी क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। यह तब पता चला जब देखते ही देखते बालखिला का जलस्तर काफी अधिक बढ़ गया।
नई दिल्ली से आए तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा कर रविवार को दोपहर में मंडल घाटी पहुंचे। सोमवार को भी दिनभर तीर्थयात्रियों ने चोपता, दुगलभिट्टा, कांचुलाखर्क और मंडल में सैर-सपाटा किया।
दो कमरे भी किराए पर लिए थे
मंगलवार को भी तीर्थयात्री चोपता तक धूमने गए। उनका बुधवार को सुबह ही यहां से अपने गंतब्य को लौटने का कार्यक्रम था। तीर्थयात्रियों ने मंडल के एक होटल में दो कमरे भी किराए पर लिए थे।
और उनकी रसोई भी साथ में थी। मंगलवार को दिनभर धूमने के बाद सांय तीन बजे तीर्थयात्री बालखिला नदी के किनारे खाना पकाने लगे। इसी दौरान कुछ तीर्थयात्री नदी में फोटो खिंचवाने लगे।
प्रत्यक्षदर्शी मंडल गांव निवासी मीना देवी ने जैसे ही नदी में पानी बढ़ते देखा तो तीर्थयात्रियों को नदी से हट जाने के लिए कहा।
चेतावनी नहीं सुन पाए
नदी के शोर शराबे में तीर्थयात्री महिला की बात को नहीं सुन पाए। मीना देवी का कहना है कि जैसे ही वह नदी के समीप पहुंची, तभी तक नदी तीन तीर्थयात्रियों को अपने आगोश में ले चुकी थी। उसने बताया कि नदी में अपनी जान गंवा बैठा ज्ञान सिंह अपने बेटे चरण सिंह को बचाने के लिए नदी में कूदा। चरण सिंह तो बच गया, लेकिन वह नदी की तेज धारा में बहते चले गया।
दिल्ली के इन तीर्थयात्रियों की सूची---
ज्ञान सिंह पुत्र नंद सिंह उम्र 42 साल (मृतक)
प्यार सिंह पुत्र उत्तम सिंह
परमजीत सिंह पुत्र प्यार सिंह
कलमजीत कौर पुत्री प्यार सिंह
भगवान सिंह पुत्र उत्तम सिंह
हरपाल कौर पत्नी ज्ञान सिंह
जसलीन कौर पुत्री ज्ञान सिंह
चरणजीत सिंह पुत्र ज्ञान सिंह